अरविंद कंवर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नतीजे आने के बाद कॉर्पोरेट जगत में भारत ने एक नया मुकाम हासिल किया। आईटी कंपनियों में भारत ने 100 बिलियन डॉलर क्लब में प्रवेश किया। TCS की मार्किट वैल्यू 144.7 बिलियन डॉलर हो गई है और उसने Accenture और IBM जैसी कंपनियां पीछे छोड़ दी। सन 2000 में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी के रूप में General Electric (GE) ने अपनी धाक मचाई थी। उस समय GE की मार्किट वैल्यू 500 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा थी।
वहीं उस समय दुनिया में सिर्फ 43 कंपनियां थी जिनकी मार्किट वैल्यू 100 बिलियन डॉलर से ज़्यादा थी। उनका टोटल मार्किट कैप 9 ट्रिलियन डॉलर था। इन 43 कंपनियों में 21 कंपनियां अमेरिका में, 7 ब्राजील, 4 ब्रिटेन, 3 जापान, बाकी यूरोप की थी। इनमे भी 12 कंपनियां मीडिया और टेलीकॉम सेक्टर से थी। 2010 में इस लिस्ट में 8 कंपनियां और जुड़ गई और एशिया का दायरा बढ़ गया। हालांकि उसमे भी चीन ही आया और भारत की कोई भी कंपनी शामिल नहीं थी। उस समय ExxonMobil सबसे बड़ी कंपनी बन गई थी।
नई कंपनियों में Apple, Nestlé शामिल हो गई थी। लेकिन 2020 आते आते इस ग्रुप में जबरदस्त उछाल आया और यह ग्रुप 106 तक पहुंच गया। पहली बार भारत भी इस ग्रुप में शामिल हो गया। अब इस लिस्ट में 60 कंपनियां अमेरिका से, 15 यूरोप से, 14 चीन से, 3 ब्रिटेन से, 2 भारत से और 12 बाकी दुनिया से हैं। TCS से पहले Reliance Industries इस ग्रुप में शामिल हो चुका है और अब TCS के नतीजे आने के बाद भारत की दो कंपनियां 100 बिलियन डॉलर ग्रुप में शामिल हो गई हैं।







