स्पेशल डेस्क,जैसलमेर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के जैसलमेर बार्डर पर जवानों के साथ दीपावली मनाने पहुंचे हैं। पीएम मोदी हर वर्ष देश की सरहदों की रक्षा करने वाले जवानों के बीच जाकर अपना त्योहार मनाते हैं और उनकी हौसला अफजाई करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज देश के नौजवानों से देश की सेनाओं के लिए निर्माण करने का आह्वान करता हूं। हाल के दिनों में अनेक स्टार्ट-अप्स सेनाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए आगे आए हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि डिफेंस सेक्टर में नौजवानों के नए स्टार्ट-अप्स देश को आत्मनिर्भरता के मामले में और तेजी से आगे ले जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि जब भी जरूरत पड़ी है भारत ने दुनिया को दिखाया है कि उसके पास ताकत भी है और सही जवाब देने की राजनीतिक इच्छाशक्ति भी है। सीमा पर शनिवार को दीवाली के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी का पहुंचना इसलिए भी खास है कि यहां 1971 की लड़ाई में महज 120 भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान की कई टैंक टुकड़ियों को उड़ा दिया था।
मोदी ने कहा कि आज भारत आतंक के आकाओं को घर में घुसकर मारता है, आज दुनिया ये समझ रही है कि ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर भी समझौता करने वाला नहीं है। मैं आपसे तीन आग्रह करना चाहता हूं। पहला- कुछ न कुछ नया इनोवेट करने की आदत को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाइए। दूसरा- योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखिए। तीसरा- अपनी मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेजी के अलावा, कम से कम एक भाषा जरूर सीखिए।
पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान है। विस्तारवाद, एक तरह से मानसिक विकृति है और अठ्ठारहवीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है। इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया अब जानती है कि भारत अपने हितों के साथ बिल्कुल भी समझौता नहीं करेगा। भारत ने दिखाया है कि उसे चुनौती देने वालों को करारा जवाब देने के लिए उसमें ताकत और राजनीतिक इच्छाशक्ति है। प्रत्येक भारतीय को हमारे सैनिकों पर गर्व है। दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें हमारी सीमाओं की रक्षा करने से नहीं रोक सकती।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया का इतिहास हमें ये बताता है कि केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहे हैं, वही राष्ट्र आगे बढ़े हैं जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की क्षमता थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दृश्य देखें, भले ही इंटरनेशनल सहयोग कितना ही आगे क्यों न आगे आ गया हो। समीकरण कितने ही बदल क्यों न गए हों, लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते कि सतर्कता ही सुरक्षा की राह है। सजगता ही सुख-चैन का संबल है, सामथ्र्य ही विजय का विश्वास है, सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है। सजगता ही सुख-चैन का संबल है, सक्षमता से ही शांति मिलती है। भारत सुरक्षित है, क्योंकि उसके पास अपनी सुरक्षा करने की शक्ति है।







