संवाददाता,सुजानपुर: केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने जनकल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। जिनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता जन जन में फैलाने की बहुत जरूरत है, ताकि कोई पात्र व्यक्ति इन योजनाओं का लाभ लेने से न छुटे और न ही कोई जालसाज फायदा दिलाने के नाम पर पात्र लोगों से पैसे लूट कर उन्हें बेवकूफ न बना सके।
सुजानपुर विधानसभा की ग्राम पंचायत करोट में सोमवार को प्रयास संस्था व मुकुल माधव संस्था द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा नेता एवं बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने लाभार्थियों व पात्र लोगों को कामगार कल्याण योजना की पंजीकरण कापियां एवं ज़रूरी सामान की किटें बांटने के अवसर पर यह बात कही है।
इस अवसर पर प्रयास संस्था के आयोजक संजीव राजपूत, अमरदीप राणा, मंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष कपिल शामा सहित स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि एवं लाभान्वित होने वाले सैंकड़ों अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे। अरुण धूमल ने कमज़ोर लोगों से फ़ायदा दिलाने के नाम पर कुछ लोगों द्वारा कामगार कल्याण योजना की पंजीकरण कापियां बनवाने के नाम पर पैसे लूटने की निंदा की है।
अरुण धूमल ने कहा कि देश और दुनिया की इतनी अधिक तरक्की करने के बावजूद भी पिछले कुछ समय से एक छोटे से वायरस की वजह से पूरा विश्व रुक गया है सबकी जिंदगी या ठहर सी गई है। हालांकि विश्व कोविड-19 महामारी ने हमें फिर से सिखा दिया कि मानवता के मूल्य क्या हैं।
एक दूसरे का सहयोग कर हम बड़ी से बड़ी लड़ाई भी कैसे लड़ सकते हैं ,और कई जिंदगियों को बचा सकते हैं, ऐसा इस दौरान हमने सीखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरे देश में इस महामारी के खिलाफ लड़ाई लड़ी तथा जान और जहान को बचाने को प्रमुख लक्ष्य मानते हुए आगे बढ़े तो ही 130 करोड़ देशवासियों के देश में अन्य विश्व के देशों के मुकाबले कोरोना महामारी की वजह से हुई मौतों के आंकड़े बहुत ही कम हैं, इसके लिए हम सबको प्रधानमंत्री जी को साधुवाद देना चाहिए।
अरुण धूमल ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश की सरकारों द्वारा चलाई जा रही जनहितकारी योजनाओं के साथ-साथ हमीरपुर लोक सभा के सांसद केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफेयर्स राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपनी लोकसभा क्षेत्र के लोगों की खातिर प्रयास संस्था के माध्यम से कई जन हितेषी योजनाएं चलाई हैं , जिनकी चर्चा आज पूरे देश में होती है। प्रधानमंत्री जी ने इन योजनाओं के लिए अनुराग ठाकुर की प्रशंसा की है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बतौर प्रधानमंत्री इस बार छठी दीवाली थी, जो इस बार भी उन्होंने बॉर्डर पर जाकर सैनिकों के बीच में उनके साथ खड़े होकर मनाई है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश देश के वीर सैनिकों को दिया है कि वह पूरे निडर होकर देश की रक्षा के लिए देश की सरहदों पर खड़े रहे, दुश्मनों के छक्के छुड़ाएं, भारत सरकार एवं 130 करोड़ भारतीय पूरी तरह उनके साथ खड़े हैं।
सैनिकों से जुड़ा वन रैंक वन पेंशन का मुद्दा सबसे पहली बार सांसद में 1989 में बतौर सांसद पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने उठाया था। इस मुद्दे से जुड़ी फाइलें लगातार 35 वर्षों तक दिल्ली में पड़ी रही जब 2014 में पहली बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने वन रैंक वन पेंशन का मुद्दा हल किया एवं देश के लाखों वीर सैनिकों को फायदा पहुंचाया।

