शिमला अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर Doers (डूअर्स) ने हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा मोचन बल (HPSDRF) के सहयोग से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, समरहिल में आपदा तैयारी, सुरक्षित निकासी और प्राथमिक उपचार पर व्यावहारिक कार्यशाला आयोजित की। इसमें विद्यालय की प्रधानाचार्य सुश्री सुषमा कुमारी सहित 176 विद्यार्थियों और 24 शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों समेत कुल 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यशाला STEP4Schools पहल के दूसरे चरण के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसे Doers द्वारा M3M Foundation के सहयोग तथा DoCC SPJIMR के समन्वय से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और विद्यालय कर्मचारियों को आपदा के दौरान सुरक्षित प्रतिक्रिया देने तथा जीवन रक्षक कौशल से परिचित कराना है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भूकंप जैसी आपदा के समय अपनाए जाने वाले ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड’ सुरक्षा प्रोटोकॉल का अभ्यास किया। इसके बाद विद्यालय परिसर में मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र तक पहुँचकर सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
HPSDRF की टीम ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण में बेहोशी की स्थिति में व्यक्ति की प्रारंभिक जाँच, जीवन के संकेतों की पहचान तथा कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) सहित बुनियादी जीवन रक्षक सहायता के बारे में बताया गया। साथ ही, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं के संपर्क नंबरों की जानकारी भी दी गई।
अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस प्रत्येक वर्ष 13 अक्टूबर को मनाया जाता है। वर्ष 2026 की थीम “Resilience Starts at Home” है, जो आपदा जोखिम कम करने में व्यक्तिगत तैयारी, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के महत्व को दर्शाती है।
Doers और HPSDRF की इस संयुक्त पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं विद्यालय कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करना और उनमें सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यशाला में यह संदेश दिया गया कि समय पर सही निर्णय, पूर्व तैयारी और प्राथमिक उपचार का ज्ञान आपदा के दौरान जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
