भारतवर्ष में जब से कोरोना के टीकाकरण का दौर शुरू हुआ तब से ही कोवैक्सीन बहस का बड़ा मुद्दा रही है। और कोरोना की दूसरी स्ट्रेन में इस वैक्सीन की क्षमता पर भी कई सवाल खड़े हुए। मगर अब द वाइट हाउस के मुख्य चिकित्सा सलाहकार और अमेरिका के शीर्ष महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर एंथोनी फौसी ने एक बड़ी बात कहते हुए कहा की भारत में निर्मित को वैक्सीन कोरोना वायरस के डबल म्यूटेंट या कोरोना के 617 प्रकारों को बेअसर करने में प्रभावी पाया गया है। फ़ौसी ने कहा की भारत में वास्तविक कठिनाइयों के बाद भी टीकाकरण कोरोना के खिलाफ महत्वपूर्ण एंटीडोट हो सकता है।
इसको लेकर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने भी बयान जारी करते हुए कहा कि स्वदेशी निर्मित भारत बायोटेक की कोवैक्सीन कोरोनावायरस के डबल म्युटेंट के खिलाफ भी प्रभावशाली है।
आपको बता दें की कोवैक्सीन भारत में बनी कोविड-19 सार्स वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता देने वाली एक वैक्सीन है और भारत बायोटेक के द्वारा यह वैक्सीन बनाई गई है।
दरअसल विश्व भर में कोरोना महामारी के फैसले के बाद सभी देश इस होड़ में थे कि इस वायरस को लेकर वैक्सीनेशन तैयार की जाए और इसी कड़ी में भारत बायोटेक की ओर से भी भारत में निर्मित वैक्सीन तैयार की गई जिसका नाम कोवैक्सीन है।
वैक्सीन निर्मित करने की प्रक्रिया की अगर बात करें तो यह काफी लंबी प्रक्रिया होती है मगर भारत और पूरे विश्व में कोरोनावायरस के मामले बड़ी तेजी से बढ़ते जा रहे थे ऐसे में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को रैपिड ट्रायल के बाद करुणा वैक्सीन के तौर पर मान्यता दे दी गई और तभी से यह वैक्सीन बहस का मुद्दा रहा।

