कोरोना महामारी ने दुनियाभर में तबाही मचा रखी है और इस कोरोना की दूसरी लहर में तो भारतवर्ष हॉट स्पॉट बना हुआ है। हालांकि पूरे देश में टीकाकरण अभियान जारी है और देश के भीतर ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीके लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सोमवार को भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की 17 करोड़ खुराकें देकर भारत ने दुनिया में सबसे तेजी से टीकाकरण किया है। मंत्रालय कि ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस आंकड़े तक पहुंचने में चीन को 119 दिन जबकि अमेरिका को 115 दिन लगे। भारत ने 114 दिन में ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया।
जहां एक ओर ये तेज़ी से होता टीकाकरण राहत की बात है वहीं दूसरी ओर अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने सोमवार 10 मई को 12 से 15 साल के बच्चों के लिए फाइजर-बायोएनटेक के वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है। एफडीए ने बताया कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए हमने 12-15 वर्ष के बच्चों में आपातकालीन उपयोग के लिए फाइजर-बायोएनटेक कोविड-19 वैक्सीन को अधिकृत किया है।
भारत में वेक्सिनेशन का तीसरा दौर भी शुरू हो गया है और 18 वर्ष से ऊपर के लोगों का जल्द ही टीकाकरण शुरू भी हो जाएगा ऐसे समय में छोटे बच्चों के लिए भी फाइजर को आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमति मिलना राहत की बात है और जानकारों का मानना भी है कि आने वाले कोरोना के चरण छोटे बच्चों पर ज़्यादा असर करेंगे।
इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 18-44 उम्र समूह में 20,31,854 लोगों को पहली खुराक दी गई है। जबकि, 45 से 60 वर्ष के समूह में 5,51,79,217 को पहली खुराक और 65,61,851 को दूसरी खुराक दी गई है।


