कोरोना वायरस से उत्पन्न हुए संकट से निपटने के लिए जो उपाय मौजूद है, वह है वैक्सीनेशन। पूरे देश में टीकाकरण अभियान जारी है और कोरोना से लड़ने के लिए लोगों को वैक्सीन लगाने का काम भी लगातार जारी है।
भारत में टीकाकरण अभियान की शुरुआत होने के बाद हमने देखा, कई मर्तबा वैक्सीनेशन संबंधित नियमों में बदलाव किए गए। इसी कड़ी में अब एक नया बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां अब अगर कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो जाता है तो वह व्यक्ति, कोरोना से ठीक होने के 9 महीने बाद ही वैक्सीन लगवा सकता है।
नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑफ वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन NAGVAC जल्द ही इस सम्बन्ध में कुछ फैसला ले सकती है। और बताया जा रहा है कि कोरोना से रिकवर होने के बाद टीकाकरण की अवधि 9 महीने की जा सकती है। इससे पहले हाल ही में कोरोना से ठीक होने के बाद टीकाकरण करवाने का अंतराल 6 महीने कर दिया गया था।
वैक्सीन को लेकर भारतीय एक्सपर्ट्स का कहना है, कई देशों में शोध में यह बात पता चली है कि कोरोना से ग्रस्त होने वाले व्यक्ति में उसके रिकवर होने के बाद लगभग 6 महीने तक इम्यूनिटी बनी रहती है, इसलिए करुणा से रिकवर होने के बाद लगभग 6 महीने का अंतराल होना आवश्यक है।
देश में बढ़ता कोरोना और वैक्सीनेशन के नियमों में लगातार होते बदलाव लोगों में भी संशय भर रहे हैं। पिछले दिनों पहली और दूसरी डोज के बीच के अंतराल को भी कई क्रमों में बढ़ा दिया गया और अब कोरोना से ठीक होने के बाद टीकाकरण के वक्त में बदलाव आम जनता को और परेशान कर सकते हैं।







