लंदन। आज विश्व भर में वेक्सिनेशन का काम जोरों पर है और हर कोई वैक्सिन लगवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहा है मगर इन सब कहीं से तो शुरुआत हुई होगी? कोई तो होगा जिसे सबसे पहले कोरोना का डोज लगा होगा? विलियम शेक्सपियर। दुनिया के पहले पुरुष थे जिन्होंने सबसे पहले कोरोना की वेक्सिन लगवाई थी। मगर आज उनका ज़िक्र क्यूं? चलिए बताते हैं।
दुनिया में सबसे पहले कोरोना की वेक्सिन लगाने वाले पुरुष 81 वर्षीय विलियम शेक्सपियर (William Shakespeare) का निधन हो गया है। शेक्सपियर किसी अन्य बीमारी से पीड़ित थे। उन्होंने पिछले साल दिसंबर में Pfizer-BioNTech की वैक्सीन लगवाई थी, इसी के साथ वह दुनिया के पहले ऐसे पुरुष बन गए थे जिसे कोरोना का टीका दिया गया था।
कोरोना महामारी के फैलने के बाद से इस बीमारी की वैक्सीन की खोज शुरू हुई। और मानव जाती को सफलता भी हाथ लगी। आज विश्व भर में अलग-अलग कम्पनियों के द्वार वैक्सीन का उत्पादन किया जा रहा है और लोगों तक वैक्सिन पहुंचाई जा रही है। आज विश्व की जनसंख्या के एक बड़े हिस्से को वैक्सिन लग चुकी है और लगभग हर क्षेत्र में वेक्सिनेशन का काम जारी है। मगर सबसे पहले कोरोना का टीका पाने वाले व्यक्ति ही अब नहीं रहे।
इस बारे में यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ने जानकारी दी कि विलियम शेक्सपियर का निधन स्ट्रोक के चलते हुआ। उन्होंने कई दशकों तक अपने समुदाय के लिए कार्य किया। शेक्सपियर पैरिश पार्षद की जिम्मेदारी भी संभाली थी। उन्हें इसी अस्पताल में वैक्सीन के लिए लाया गया था और यहीं पर उन्होंने अपनी ज़िंदगी की अंतिम सांस भी ली। उन्हें जब वैक्सिन लगाई गई थी तो उनसे कुछ ही मिनट पहले यूनिवर्सिटी अस्पताल में 91 साल की मार्गरेट कीनन (Margaret Keenan) ने टीका लगवाया था।







