न्यूज़ डेस्क। कोरोना महामारी के कारण देश भर में लॉकडाउन जैसे हालात बने हुए हैं और क्षेत्रीय सरकारें अपने-अपने स्तर पर इस दौर से पार पाने के प्रयास कर रही हैं। देश के कुछ राज्यों में लॉकडाउन जारी है तो कुछ राज्यों में पूर्णत: लॉकडाउन तो नहीं है लेकिन कई सारी बंदिशें लगाई गई हैं।
हिमाचल प्रदेश में भी अनेकों बंदिशों के साथ कोरोना कर्फ्यू जारी है और पिछले दिनों हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इसे आगामी 31 मई तक यूं ही जारी रखने का निर्णय लिया गया। मगर क्या आगे भी कोरोना कर्फ्यू ऐसे ही जारी रहेगा ये एक बड़ा प्रशन है।
कोरोना काल के दौरान व्यवस्था को कैसे बनाया रखा जाए इस विषय पर निरंतर विचार चल रहे हैं और इस बीच केन्द्र सरकार की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए परामर्श जारी किए हैं।
केंद्र ने राज्यों और संघ शासित प्रदेशों से कहा है कि वे कोविड की रोकथाम के उपायों का अनुपालन जारी रखें और स्थानीय स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद चरणबद्ध तरीके से छूट देने का निर्णय करें।
सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुझाए गए रोकथाम के उपाय 30 जून तक बढा दिए गए हैं। भल्ला ने कहा कि लॉकडाउन और अन्य उपायों पर कडाई से अमल करने की बदौलत दक्षिणी और पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्रों को छोडकर सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में कोविड के नए रोगियों और उपचाराधीन रोगियों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि संक्रमण की दर में कमी की प्रवृति के बावजूद अभी उपचाराधीन रोगियों की संख्या बहुत अधिक है। इसलिए लॉकडाउन के उपाय महत्वपूर्ण हैं और राज्यों को शक्ति से उनका पालन करना चाहिए।

केन्द्रीय गृह सचिव की ओर से राज्यों/यूटी को भेजा गया पत्र।
अब देखना ये होगा कि केंद्र के द्वारा दिए गए परामर्शओं का प्रभाव राज्यों में किस रूप में देखने को मिलता है। बात हिमाचल की करें तो यहां पर भी फिलहाल 31 मई तक के लिए ही कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया गया है, मगर अब केंद्र के द्वारा जारी किए गए परामर्श के बाद अब हिमाचल में कोरोनावायरस कर्फ्यू यूं ही जारी रहेगा या धीरे-धीरे इसमें कुछ छूट दी जाएंगी ये तो आगामी मंत्रिमंडल की बैठक के बाद ही साफ हो जाएगा।







