नई दिल्ली। केंद्र में भाजपा की सरकार ने अपने कार्यकाल के सात साल पूरे कर लिए हैं और ज़ाहिर सी बात है, ये मौका सरकार की उलब्धियां गिनवाने का है। सो भाजपा सरकार भी आम जनता तक अलग-अलग माध्यमों से, अपने 7 वर्ष के कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों को पहुंचाने में लग गई।
राष्ट्र को सशक्त व समृद्ध बनाने हेतु प्रधानमंत्री @narendramodi के नेतृत्व में सरकार ने सुशासन के 7 वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास विशेष ध्यान दिया गया। #7YearsOfSeva से जुड़ी जानकारी के लिए विजिट करें: https://t.co/f2Tzpxf8zZ @PMOIndia @PIBHindi @MIB_Hindi @nitin_gadkari pic.twitter.com/93ktZUZoXO
— MyGov Hindi (@MyGovHindi) May 30, 2021
इसी चक्कर में अब्र ट्विटर पर घमासान मचा हुआ है, सरकार विभिन्न मंत्रालयों हो रहे कामों का ब्योरा mygov के ज़रिए दे रही है और कांग्रेस केंद्र सरकार की 7 वर्ष की विफलताओं का।
प्रधानमंत्री @narendramodi के मार्गदर्शन में कृषि क्षेत्र में व्यापक और परिवर्तनकारी सुधार किए गए। देखिए कैसे इन उल्लेखनीय पहलों से करोड़ों किसानों के जीवन में आ रहा है बदलाव। अधिक जानकारी के लिए देखें: https://t.co/f2Tzpxf8zZ #7YearsOfSeva pic.twitter.com/XUXvy3QGBY
— MyGov Hindi (@MyGovHindi) May 30, 2021
वहीं विपक्ष में बैठी कांग्रेस भी ये मौका कैसे छोड़ देती, सो कांग्रेस ने भी खोज-खोज कर सारी विफलताओं को ‘7 ईयर्स ऑफ मोदी मेड डिजास्टर’ अर्थात ‘मोदी निर्मित आपदाओं के सात वर्ष’ बता कर एक के बाद एक ट्वीट बरसा दिए।
एक वक़्त था, जब कोरोना पर विजय की घोषण कर दी गई- सिर्फ अपनी छवि चमकाने के लिए।
उसी का नतीजा है- हर रोज लाखों संक्रमित, हजारों मौतें।
इस नाकामी की जिम्मेदारी सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी पर है।#7yearsOfModiMadeDisaster pic.twitter.com/N3IrKNxhH4
— Congress (@INCIndia) May 30, 2021
सत्तारूढ़ भाजपा सरकार का चैहरा प्रधान मंत्री मोदी है, ऐसे में कांग्रेस ने भी सारा ठीकरा पीएम मोदी के नाम फोड़ दिया।
The so-called messiah of development has failed in every indicator of human & industrial development in the world. The Modi govt has taken our nation back decades. #7yearsOfModiMadeDisaster pic.twitter.com/afoUsHGMvx
— Congress (@INCIndia) May 30, 2021
ख़ैर सियासी घमासान ज़ारी है और देश की दोनों बड़ी पार्टियां आमने-सामने। भाजपा के सत्ता में आने और सरकार बनने पर, भाजपा सरकार से ज़्यादा “मोदी सरकार” के नाम पर प्रचार हुआ और अब इसको देखते हुए कांग्रेस भी फ्रंट फुट पर प्रधानमंत्री मोदी को ही अपने निशाने पर ले रही है।







