शिमला। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्याल और अस्पताल (आई जी एम सी) शिमला प्रदेश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है मगर यहां हमेशा से एक अच्छी,विश्वसनीय 24 घंटे चलने वाली प्रयोगशाला की आवश्यकता महसूस की जाती रही है। योजना और क्रियान्वयन दोनों के मामले में विभिन्न स्तरों पर आने वाली बाधाओं के कारण, इस मक़सद की प्राप्ति नहीं की जा सकी। मगर अब
राज्य के प्रत्येक कोने से इस संस्थान में आने वाले रोगियों के प्रबंधन और चिकित्सकों की जरूरतों और आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, यहां सभी डाइयग्नॉस्टिक क्षमताओं वाले अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की गई जिसका प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज रविवार को उद्घाटन किया।
प्रयोगशाला सभी जैव रासायनिक (आरएफटी, एलएफटी, लिपिड, इलेक्ट्रोलाइट्स, एडीए आदि) हेमेटोलॉजी (एचबी, सीबीसी), सीएसएफ परीक्षा और हेमोस्टेसिस पैरामीटर (पीटी /आईएनआर) के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स, रक्त गैस विश्लेषण जैसे “पोईंट ओफ़ केयर” प्रदान करने में सक्षम है।
यह प्रयोगशाला सभी प्रकार के रोगियों और उनके इलाज करने वाले डॉक्टरों के मार्गदर्शन के लिए 24×7 अनेकों प्रकार के मार्कर टेस्ट जैसे सीआरपी, फेरिटिन, डी डाईमर करने में सक्षम है।
इस लैब की स्थापना के बाद अब आईजीएमसी ने लिथियम परीक्षण प्रदान करने की क्षमता हासिल कर ली है यह सुविधा IGMC शिमला में पहले नहीं थी, जिसके चलते पहले लोगों को तीन से चार दिनो तक लिथीयम की रिपोर्ट का इंतज़ार करना पड़ता था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लैब में लगाए गये सभी उपकरण पूर्ण पारदर्शिता अपनाते हुए GeM के माध्यम से ख़रीदें गये हैं।सभी उपकरण अन्तर्राष्ट्रीय मानकों पर आधारित हैं जैसे USFDA,EU,CE
लैब में जो जाँच मशीन स्थापित की गयी है वह अपनी तरह की प्रदेश में पहली मशीन है। इस मशीन का नाम AUTO ANYLYSER XL1000/ स्वचालित विश्लेषक XL-1000 यह मशीन एक साथ एक घण्टे की अवधि में एक हज़ार चालीस सैम्पल की जाँच करने में सक्षम है।
सरकार के निरंतर प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और समर्थन के साथ, आईजीएमसी आज का भरपूर प्रयास है कि इस प्रयोगशाला को हम नो रिटर्न लैब बनावाएँगे और अपने इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए हम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहें है, कोई भी सैम्पल किसी भी परीक्षण के लिए किसी भी समय 24×7 जाँच करने की सुविधा होगी। जाँच की रिपोर्ट न्यूनतम समय में मिलने से गंभीर मरीज़ों के डाययग्नोसिस और इलाज में तेज़ी आएगी परिणामस्वरूप हॉस्पिटल की मूलभूत व्यवस्था एवं कार्यशैली में सुधार होगा और आईजीएमसी यहाँ आनेवाले रोगियों को बेहतरीन सुविधाएँ प्रदान करने में सक्षम होगा। जाँच की रिपोर्ट एक घण्टे के भीतर उपलब्ध हो सकेगी।
आईजीएमसी की यह लैब 24×7 आधार पर सभी डाइयग्नॉस्टिक समाधान प्रदान कर सकती है और इसमें मौजूदा बुनियादी ढांचे (जनशक्ति और संसाधन) के भीतर पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए एक रोल मॉडल की तरह कार्य करेगी।







