धर्मशाला। कोरोना के कारण जहां बहुत से लोगों की ज़िंदगी चली गई वहीं इस महामारी ने आर्थिक संकट भी खड़ा कर दिया है और बेरोजगारी में इजाफे ने मुसीबतें बढ़ा दी हैं। अब इसी सम्बन्ध में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने आज कहा की स्वास्थ्य विभाग में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला और पुरूष, के सैंकड़ों पद रिक्त पड़े हुए है हिमाचल प्रदेश में बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुरुष 2060 पदों में से 1800 के करीब पद रिक्त है और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के कुल स्वीकृत 2259 पदों में लगभग 800 के करीव पद रिक्त पड़े हुए हैं ।
हिमाचल प्रदेश में बहुत से उपस्वास्थ्य केंद्रों में एक एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी नही है और कई उपस्वास्थ्य केंद्र महीनों से बंद पड़े हुए है, बहुत से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दो-दो तीन-तीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाये, जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक के पद सृजित नही हैं वहां पर पद सृजित किये जायें, खण्ड स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता व पर्यवेक्षक के पद सृजित किये जायें । स्वास्थ्य विभाग के अपने प्रशिक्षण संस्थान जो बर्षो से बंद पड़े हैं उन प्रशिक्षण सस्थानों को दोवारा से शुरू किया जाए और बहुद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के प्रशिक्षण बैच भी शुरू करवाए जाएं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके और जो महिलाएं स्वास्थ्य कार्यकर्ता का प्रशिक्षण प्राप्त करके बर्षो से बैठी है उनकी नियुक्ति शीघ्र की जाये और उन पदों को पचास प्रतिशत बैच के आधार पर और पचास प्रतिशत कमीशन द्वारा भरा जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से मुहैय्या कराने में इस वर्ग का विशेष योगदान रहता है। और हर एक ग्रामीण तक बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता की पहुंच होती है, यदि कोरोना महामारी के समय भी यदि रिक्त पदों को नही भरा जाता है तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो जाएंगी। यदि यह बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता की फ़ौज ही नही होगी तो यह लड़ाई कैसे लड़ी जाएगी।
अभी हाल ही में सारे भारत बर्ष में टीकाकरण में हिमाचल प्रदेश प्रथम स्थान पर रहा है यह इसी श्रेणी की मेहनत से सम्भव हो पाया है कि इतने पद रिक्त होने के बावजूद भी हिमाचल प्रदेश टीकाकरण में नम्बर एक पर रहा है यदि सरकार इन पदों को शीघ्र भरे तो आने बाले समय मे स्वास्थ्य के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश नम्बर एक पर होगा इस समय स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाना चाहिये क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और बड़ गयी है प्रदेश के सभी नागरिकों को टीकाकरण किया जाना है यदि स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ ही नही होगा तो लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं कैसे प्राप्त हो सकेंगी, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला और पुरुष के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।यदि सरकार इन रिक्त पदों को नही भरती है तो माननीय उच्च न्यायालय को इन रिक्त पदों को भरने के लिये हस्तक्षेप करना चाहिए । तांकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सके, ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य उप केंद्रों में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, नवजात बच्चों का टीकाकरण, टीबी कंट्रोल प्रोग्राम और दूसरे सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम ,कोरोना वैक्सीनेशन, कोरोना टेस्टिंग इत्यादि कार्यक्रमों को अमलीजामा पहनाने में लगे हुए है मगर सरकार इस बर्ग की अनदेखी कर रही है । इन बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता को कोरोना वारियर्स की श्रेणी में भी नही रखा गया है । स्वास्थ्य विभाग में कुछ कैटेगरी को दो महीने का इंसेटिव दिया जा रहा है मगर इस श्रेणी को उससे भी बंचित रखा गया है। जोकि इस बर्ग के साथ सरासर अन्याय किया जा रहा है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना काल में आशा वर्करों की अहम भूमिका रही है तथा उनको नियमित करने के लिए भी सरकार को शीघ्र नीति निर्धारित करनी चाहिए







