शिमला। राजधानी शिमला में स्थानीय भाजपा नेता के द्वारा पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ दर्ज देशद्रोह के मामले में देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार विनोद दुआ पर लगे राष्ट्रद्रोह के आरोपों को खारिज कर पत्रकार विनोद दुआ को एक बड़ी राहत दी है।
उच्चतम न्यायलय ने जस्टिस केदार नाथ सिंह द्वारा एक फ़ैसले के दौरान दिए गए एक कथन का भी ज़िक्र किया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केदार नाथ सिंह के फैसले के मुताबिक “हर पत्रकार को सुरक्षा का हक है”।
हालांकि शीर्ष अदालत ने, पत्रकार विनोद दुआ की दूसरी याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 10 साल या उससे अधिक के अनुभव वाले कई पत्रकारों के खिलाफ लगाए गए राजद्रोह के आरोपों की जांच के लिए प्रत्येक राज्य में एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग की गई थी।
Supreme Court quashed proceedings and FIR on the petition filed by journalist Vinod Dua, seeking to quash a sedition case registered against him in Shimla, Himachal Pradesh pic.twitter.com/drwB771jPB
— ANI (@ANI) June 3, 2021
विनोद दुआ के खिलाफ यह मुकदमा हिमाचल के बीजेपी नेता अजय श्याम ने दर्ज कराया था। बीजेपी नेता का आरोप था कि दुआ ने अपने 30 मार्च 2020 को अपने यूट्यूब शो के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के ऊपर आतंकवादी घटनाओं और मौतों के आधार पर वोट मांगने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही बीजेपी नेता ने कहा था कि दुआ ने अपने शो में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली टिप्पणियां की थी।







