चड़ीगढ़। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनैतिक खेल बड़े दिलचस्प दौर से गुज़र रहा है। कोंग्रेस में आंतरिक फूट साफ़ नज़र आ रही है, और आलम ये है कि कांग्रेस हाईकमान को मामला सुलझाने के लिए कमेटी का गठन करना पड़ा।
मगर प्रदेश कोंग्रेस के नेता अपने अपने दाव पेच आजमाने में लगे हैं। ख़बरें है कि लगभग 25 विधायक और कुछ कैबिनेट मंत्री मुख्यमंत्री की खिलाफत पर उतर आए हैं। मगर गुरुवार को बड़ा उलटफेर तब हुआ जब दिल्ली में हाईकमान के सामने पेशी से पहले ही सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने धुर विरोधी और पंजाब एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल खैरा को कांग्रेस पार्टी में शामिल करवा दिया। इसे कैप्टन का बड़ा राजनीतिक दांव माना जा रहा है। खैरा के साथ मौड़ से आप के विधायक जगदेव सिंह कमालू और भदौड़ के आप विधायक पिरमल सिंह धौला ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
Chief Minister Capt Amarinder Singh before leaving for Delhi today welcomed MLA Sukhpal Singh Khaira and former Leader of Opposition and his two AAP MLA colleagues namely Jagdev Singh Kamalu, MLA Maur, and Pirmal Singh Dhaula, MLA Bhadaur into the party fold: Punjab Congress pic.twitter.com/CWOaVV2aUO
— ANI (@ANI) June 3, 2021
कैप्टन ने कहा कि तीनों सीनियर नेताओं को पार्टी में शामिल करने को लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रधान सोनिया गांधी की ओर से इजाजत मिल गई है। एआईसीसी के महासचिव और पंजाब इंचार्ज हरीश रावत और प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ तीन सदस्यीय कमेटी से दिल्ली में विचार-विमर्श में व्यस्त हैं। उन्हें आस है कि उनसे आशीर्वाद कुछ दिनों में मिल जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पक्की राय है कि सुखपाल खैरा और उनके साथियों के शामिल होने से कांग्रेस पार्टी और मजबूत होगी। गुरुवार को चंडीगढ़ में साधारण शिरकत समारोह के दौरान पटियाला से सांसद परनीत कौर भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल हुए विधायक पार्टी को और मजबूत करेंगे।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस कदम के बाद अब नजरें नवजोत सिंह सिद्धू समेत पार्टी के दूसरे बागी नेताओं की कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस कदम को लेकर क्या प्रतिक्रिया रहती है। अब देखना दिलचसप होगा कि खेमों में बटी पंजाब कांग्रेस का भविष्य किस ओर मुड़ता है। और पंजाब की सियासत में क्या नए गुल खिलते हैं।







