शिमला। हिमाचल प्रदेश ने यह 13वां स्थान प्राप्त करने के साथ ही प्रदेश ने इस स्थान को प्राप्त करने के लिए 40 अंको की छलांग लगाई है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स जारी किया गया है जिसमें हिमाचल प्रदेश ने 40 अंकों की छलांग लगाकरअपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए देश भर में 13वां स्थान हासिल किया है। है। वर्ष 2019-20 की जारी हुई रिपोर्ट में हिमाचल ने ग्रेड टू से खुद को बाहर निकालकर ग्रेड वन में प्रवेश किया है। पांच डोमेन के आधार पर हुई समीक्षा को हिमाचल को कुल एक हजार अंकों में से 839 अंक प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2018-19 में प्रदेश 799 अंक लेकर ग्रेड टू में था। इन अंकों के आधार पर देशभर में हिमाचल को 13वां स्थान प्राप्त हुआ है।
केंद्र सरकार के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तनकारी बदलाव को देखने के लिए निष्पादन ग्रेडिंग सूचकांक (परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स) तैयार किया गया है। वर्ष 2019-20 के लिए राज्य, संघ राज्य के क्षेत्र स्तर पर 70 मापदंडों के ऑनलाइन पोर्टलों का उपयोग करते हुए रिपोर्ट को तैयार किया गया
शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी किए गए परफारमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स का यह प्रयोग यह परिकल्पना करता है कि सूचकांक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगा जिससे बहु वांछित सर्वोत्तम शैक्षणिक परिणाम प्राप्त होंगे। पीजीआई (परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स) की संरचना दो श्रेणियों में की गई है। परिणाम और शासन तथा प्रबंधन को इसमें शामिल किया गया है। कुल एक हजार अंकों के लिए 70 संकेतक शामिल किए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक 70 सूचकांकों के निर्धारित 10 या 20 अंकों के साथ वेटेज तय की जाती है।
हिमाचल प्रदेश को 140 अंक प्राप्त हुए हैं। विद्यार्थियों तक पहुंच की श्रेणी में हिमाचल को 77 अंक मिले हैं तो वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश ने 131 अंक प्राप्त किए। इक्विटी के क्षेत्र में 220 अंक और शासन प्रक्रियाएं क्षेत्र में 271 अंक प्राप्त हुए हैं।

