नई दिल्ली। सड़क सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार की ओर से एक अहम फैसला लिया गया था, जो बीते 1 जून से पूरे देश लागू हो गया है।
बीते 1 जून के बाद से बिना आईएसआई (ISI) मार्क वाला हेलमेट बेचने या खरीदने पर पूरी तरह पाबंदी हो गई है। अगर आप बिना बीआईएस (BIS) सर्टिफिकेशन वाला हेलमेट पहनकर निकलते हैं तो ट्रैफिक पुलिस आपका चालान (Traffic Challan) भी कर सकती है। ऐसे हेलमेट खरीदने या बेचने पर जुर्माना और सजा दोनों हो सकती है। दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 26 नवंबर, 2020 को ‘दोपहिया मोटर वाहन सवारों के लिए हेलमेट (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2020’ की अधिसूचना जारी की थी। इसमें सभी दोपहिया हेलमेट को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) प्रमाणित होना बेहद अनिवार्य किया गया था।

बी.एस.आई और आई.एस.आई के प्रतीक चिह्न।
6 माह की अवधि पूरी होने के बाद अब यह नियम 1 जून से प्रभावी भी हो गए हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इस बात से अनजान हैं. नए नियमों के अनुसार, हेलमेट पर आईएसआई (ISI mark Helmet) का मार्क होना चाहिए यानी वो सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा उतरता हो. लिहाजा बाइक सवार यात्रियों के आवश्यक हो गया है कि वो जो हेलमेट खरीद रहे हैं, उसको अच्छी तरह से जांच लें कि वह सभी मानकों पर खरा उतरता है या नहीं. बिना आईएसआई मार्क का हेलमेट नकली ही माना जाएगा.
अब देश में केवल बीआईएस/आईएसआई मुहर वाले हेलमेट बेचने की मंजूरी होगी. अगर कोई भी शख्स बिना आईएसआई मार्क का हेलमेट बनाता है, या उसकी खरीद या बिक्री में लिप्त पाया जाता है तो उसे 1 साल तक की कैद और न्यूनतम 1 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है. यह जुर्माना 5 लाख रुपये तक बढ़ाया भी जा सकता है।







