आंकड़ों में ही कोरोना मुक्त कर रही है प्रदेश को सरकार : सुधीर शर्मा
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार केंद्र के समक्ष सही स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है। सरकार धरातल की सही स्थिति की बजाए झूठी स्थिति केंद्र सरकार के समक्ष रख रही है। यहां जारी बयान में सुधीर शर्मा ने कहा कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों को हिमाचल के मॉडल को अपनाने की बात कही थी। उसमें उन्होंने उल्लेख किया था कि हिमाचल में सभी लोगों की कोरोना को लेकर स्कैनिंग की गई है और उनका डाटा लिया गया है। लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंकड़ों के दम पर हिमाचल को कोरोना मुक्त बनाने में लगी हुई। जबकि अभी भी धरातल पर खतरा बरकरार है। उन्होंने कहा कि बाहर से आ रहे लोगों की भी सीमाओं पर ढंग से स्कैनिंग नहीं हो रही है। कुछ स्थानों पर तो बाहर से आए लोगों को केवल उनका फोन नंबर और नाम लेकर ही प्रवेश दे दिया जा रहा है। ऐसे में यह स्थिति आने वाले समय में भयंकर हो सकती है। सरकार को चाहिए कि पूरे प्रदेश में रेंडम टेस्टिंग होनी । सरकार को चाहिए कि प्रदेश में अधिक से अधिक टेस्ट किए जाएं, बिना टेस्ट के किसी भी आंकड़े को सही नहीं माना जा सकता है। बिना टेस्ट के सामने आ रही स्थिति के कारण प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल में सरकार अभी भी स्वास्थ्य विभाग, पुलिस तथा प्रशासनिक सेवाओं में सबसे आगे के मोर्चे में लगे लोगों को पीपीई किट और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध नहीं करवा पाई है। प्रदेश के अधिकतर बॉर्डर और अन्य स्थानों में अभी भी ऐसे कर्मचारी मास्क के सहारे ही अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि सरकार अभी तक ऐसी चीजों को खरीदने के लिए प्रक्रिया को ही पूरा नहीं कर पा रही है और अपने चहेते लोगों को टेंडर देने में ही समय गवा रहे हैं। सुधीर शर्मा ने सरकार से मांग की है कि इस दिशा में धरातल पर काम किया जाए। क्योंकि यह बीमारी लंबी जाएगी और बिना टेस्ट के ही इस बीमारी को खत्म मान लेना एक बड़ी लापरवाही हो सकती है।






