यूं ही नही कहलाते हैं कोरोना वारियर्स
कहते हैं कि दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने के लिए मजदूरी करना और फिर अपने सपने को पूरा करने के लिए पढ़ाई भी जारी रखना कोई आम बात नहीं है ।ऐसे कई युवक है जोकि रोजगार के साथ-साथ पढ़ाई को भी जारी रखते हैं ऐसा ही मामला एक नगरोटा बगवां में सामने आया है लाक डाउन के कारण ऐसे कुछ और युवाओं को रोजगार तो नहीं मिल पा रहा, जैसे कैसे करके दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो रहा है लेकिन पैसे ना होने के कारण पढ़ाई जारी रखने में स्टडी मटेरियल की कमी खल रही थी इस बात की सूचना नगरोटा बगवां थाना के थाना अधिकारी भारत भूषण को अपने साथी कर्मचारियों के साथ कानून व्यवस्था व गश्त डियूटी पर करते समय मिली । डियूटी के दौरान जब निरीक्षक भारत भूषण कर्मचारियों के साथ शेल्टरहोहोम राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल हटवास में गए तो शेल्टरहोम में कुछ लड़के थे, जोकि अपने जीवन यापन के लिये प्रदेश में मेहनत मजदूरी करके पैसा कमाते है व पढ़ाई भी करते है। परन्तु लाकडाऊन होने के कारण यह मेहनत मजदूरी नहीं कर पा रहे हैं उक्त लड़के Competitive Exam की तैयारी भी कर रहे हैं। निरीक्षक भारत भूषण को लड़कों ने बतलाया कि यह उन्हे कुछ किताबें सामान्य ज्ञान तथा magazine पढ़ाई करने के लिये चाहिए लेकिन पैसे की कमी कीी वजह सेे ले नही पा रहे हैं तो थानाध्यक्ष ने लड़कों को 40 के लगभग सामान्य ज्ञान तथा magazine पढ़ाई करने के लिये उपलब्ध करवाई । ऐसे में जहां लाकडाऊन के कारण कई लोग अपने आप को कैद में समझ रहे हैं, कई ऐसे भी युवा हैं जो कि फायदा उठाने में लगे हुए हैं दिन-रात पढ़ाई करके अपने टेस्ट निकालने की कोशिश में लगे हैं। पुलिस ने इन युवाओं की मदद करके मिसाल पेश की है साथ पढ़ाई को जारी रखने में हौसला उनकी हिम्मत बढ़ाई जो कि काबिले तारीफ है और कोरोना वारियर्स का खिताब बिल्कुल सही सााबि कर रहे हैं!






