येरूशलम। नफ्ताली बेनेट को कल रात इस्राइल के नये प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। संसद में विश्वास मत के दौरान बेनेट के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के पक्ष में 60 और विरोध में 59 वोट पड़े। 120 सदस्यों के सदन में मतदान के दौरान एक सांसद अनुपस्थित रहे। इसी के साथ बेनेट की जीत ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनयामिन नेतनयाहु की 12 साल की सत्ता को समाप्त कर दिया है। बता दें की नेतनयाहु सबसे लंबे समय तक इस्राइल के प्रधानमंत्री रहे हैं।
पूर्व रक्षा मंत्री 49 वर्षीय बेनेट दक्षिणपंथी यामिना पार्टी के नेता है। उनकी सरकार में 27 मंत्री हैं जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल हैं। बेनेट सत्ता बंटवारे के समझौते के तहत सितंबर 2023 के प्रधानमंत्री के पद पर रहेंगे। उसके बाद वे अगले दो वर्षों के लिए यायर लैपिड को सत्ता सौंपेगे।
आठ राजनीतिक दलों के गठबंधन में दक्षिणपंथी यामिना पार्टी से लेकर अरब सांसद शामिल हैं। यह गठबंधन इस महीने के प्रारंभ में यायर लैपिड और बेनेट ने बनाया था। गठबंधन सरकार में पहली बार कोई अरब मुस्लिम पार्टी-राम पार्टी भी शामिल हैं।
अपनी पीढ़ी के सबसे प्रभावशाली राजनेता 71 वर्षीय नेतनयाहू दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के प्रमुख बने रहेंगे और विपक्ष के नेता होंगे।
नफ्ताली बेनेट को कल रात इस्राइल के नये प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। संसद में विश्वास मत के दौरान बेनेट के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के पक्ष में 60 और विरोध में 59 वोट पड़े। 120 सदस्यों के सदन में मतदान के दौरान एक सांसद अनुपस्थित रहे। श्री बेनेट की जीत ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनयामिन नेतनयाहु की 12 साल की सत्ता को समाप्त कर दिया है। नेतनयाहु सबसे लंबे समय तक इस्राइल के प्रधानमंत्री रहे हैं।
पूर्व रक्षा मंत्री 49 वर्षीय श्री बेनेट दक्षिणपंथी यामिना पार्टी के नेता है। उनकी सरकार में 27 मंत्री हैं जिनमें 9 महिलाएं हैं। श्री बेनेट सत्ता बंटवारे के समझौते के तहत सितंबर 2023 के प्रधानमंत्री के पद पर रहेंगे। उसके बाद वे अगले दो वर्षों के लिए यायर लैपिड को सत्ता सौंपेगे।
आठ राजनीतिक दलों के गठबंधन में दक्षिणपंथी यामिना पार्टी से लेकर अरब सांसद शामिल हैं। यह गठबंधन इस महीने के प्रारंभ में यायर लैपिड और बेनेट ने बनाया था। गठबंधन सरकार में पहली बार कोई अरब मुस्लिम पार्टी-राम पार्टी भी शामिल हैं।
अपनी पीढ़ी के सबसे प्रभावशाली राजनेता 71 वर्षीय नेतनयाहू दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के प्रमुख बने रहेंगे और विपक्ष के नेता के रूप में सदन में सेवाएं देंगे।
अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राइल में राजनीतिक स्थिति के बारे में अपने पहले बयान में बेनेट को बधाई देते हुए कहा है कि वे नये प्रधानमंत्री के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।
पिछले काफी समय से इज़रायल में राजनैतिक अस्थिरता के हालात बने हुए थे पार्टियों में गठबन्धन और बिखराव जारी था। इसी काल के दौरान फिलस्तिल के साथ सैन्य संघर्ष भी हुआ, हालांकि ये संघर्ष किसी बड़े युद्ध में तब्दील नहीं है और इस समय तक नेतन्याहू इजरायली प्रधानमंत्री के रूप में काम कर रहे थे। अब एक लंबे अरसे बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है और गठबन्धन सरकार के साथ बेनेट इसराइल के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस सत्ता परिवर्तन का असर निश्चित तौर पर भारत-इजराइली रिश्तों पर भी ज़रूर देखने को मिल सकता है।

