नई दिल्ली। सरकार ने सूक्ष्म, लघु एव मझोले उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने के की दिशा में आगे बढ़ते हुए अब रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान कर दी है। MSME क्षेत्र को अब रजिस्ट्रेशन के लिये केवल पैन कार्ड और आधार देना होगा।
केंद्र सरकार में MSME सैक्टर संभाल रहे केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि रजिस्ट्रेशन के बाद एमएसएमई इकाइयां को वित्त समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने कहा कि उद्यमिता और अन्य संबंधित पहलुओं को देखते हुए छोटी इकाइयों को प्रशिक्षण देना चाहिए।
गडकरी ने उम्मीद जतायी कि बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां भी छोटे कारोबारियों की मदद करेंगी। नई व्यवस्था के तहत एमएसएमई के रजिस्ट्रेशन के लिये अब केवल पैन (स्थायी खाता संख्या) और आधार देने की जरूरत होगी। इससे पूर्व गडकरी अधिक से अधिक लघु सूक्ष्म और मझौले उद्योग धंधों को ऑर्थराइज्ड सैक्टर में लाने की बात कह चुकें है। देश में अभी भी MSME का बड़ा हिस्सा ऑर्थराइज्ड सैक्टर से बाहर है। जिसको ऑर्थराइज्ड सैक्टर में जोड़ने की कवायतें की जा रही है यही कारण है कि इसके लिए प्रक्रिया को आसान बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
MSME क्या है
MSME का मतलब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम है। देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इसका लगभग 29 फीसद का योगदान है। यह सेक्टर देश में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया है।







