चंडीगढ़: कोरोना महामारी को रोकने के लिए, देशभर में टीकाकरण अभियान जारी है और इसको लेकर समय-समय पर नए-नए तथ्य सामने भी आते रहते हैं। इसी कड़ी में आज नीति आयोग के स्वास्थ्य क्षेत्र के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने चंडीगढ़ स्थित पीजीआई द्वारा किए गए एक अध्ययन में सामने आए कोरोना वैक्सीन के प्रभाव और इसकी आवश्यकता को साझा किया।
डॉ. वी. के. पॉल ने बताया कि हालिया दिनों में चंडीगढ़ स्थित पीजीआई के द्वारा किए गए एक अध्ययन में पता चला की कोरोना वैक्सीन को लेकर चंडीगढ़ पुलिस कर्मियों पर हुए एक अध्ययन से पता चला कि एक डोज़ लेने वाले पुलिसकर्मियों पर वैक्सीन 92 प्रतिशत प्रभावित रही और दोनो डोज़ लेने वालों पर 98 प्रतिशत प्रभावि रही है।
#LargestVaccineDrive#Unite2FightCorona
कोरोना वैक्सीन को लेकर पीजीआई चंडीगढ़ द्वारा पुलिस कर्मियों पर एक अध्ययन से पता चला कि एक डोज़ लेने वालों पर वैक्सीन 92 प्रतिशत प्रभावित रही और दो डोज़ लेने वालों पर 98 प्रतिशत प्रभावित रही।
-डॉ. वी. के. पॉल, सदस्य, स्वास्थ्य, @NITIAayog pic.twitter.com/Pr9wYBrVWJ— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) July 3, 2021
पंजाब सरकार के साथ पीजीआई चंडीगढ़ ने की रिसर्च
चंडीगढ़ स्थित पीजीआई ने पंजाब सरकार के साथ मिलकर पंजाब पुलिस के कर्मियों पर किए गए अध्यन के बाद पता चला कि एक डोज़ लेने वाले पुलिसकर्मियों पर वैक्सीन 92 प्रतिशत प्रभावित रही और दोनो डोज़ लेने वालों पर 98 प्रतिशत प्रभावि रही है।
डॉक्टर वी के पौल ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस के 4868 ऐसे जवान थे जिन्हें कोई व्यक्ति नहीं दी गई थी और ऐसे में करो ना के कारण जिनकी मौत हुई उनका आंकड़ा लगभग तीन व्यक्ति प्रति हजार व्यक्ति था। जबकि 35,856 पुलिस के जवान ऐसे थे जिन्हें वैक्सीन की एक डोज़ दी गई, जिसमे कोविड-19 के कारण 9 लोगों की मौत हुई, तो वहीं 42,720 पुलिसकर्मियों एसे थे जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज़ दी गई थी और इसमें कोरोना से के केवल दो लोगों की ही मौत हुई।

