दिल्ली: भारत की सांस्कृतिक प्राचीनता और अध्यात्म व कला ने यहां के राष्ट्रप्रेम पर भी एक अलग छाप छोड़ी है। यही कारण है कभी भारत को एक मां के रूप में देखा गया तो कभी इसे जीते-जागते राष्ट्रपुरुष की संज्ञा दी गई। ब्रितानिया हुकूमत के पंजों से निकलने के बाद भारत ने जब उड़ान भरी तो इसकी ताकत का केंद्र और देश की आत्मा बना भारत का संविधान।
भारत के संविधान निर्माण का इतिहास अपने आप एक अलग और हम महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसी को देखते हुए शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और जी.किशन रेड्डी ने संविधान का निर्माण ई चित्र प्रदर्शनी और चित्रांजलि@75 वर्चुअल फिल्म पोस्टर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। जिसके माध्यम से संविधान निर्माण के वक्त को वर्चुअल माध्यम से पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है, जो ना केवल गणतंत्र भारत के गौरवपूर्ण सफर को जानने का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत होगा अपितु इतिहास को जानने का भी माध्यम होगा।
भारत आजादी की 75 वीं वर्षगांठ मना रहा है और केंद्र सरकार की ओर से अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए 75 वर्षों के भारत के इतिहास और संस्कृति को नव प्राण देने के लिए 75 वीं वर्षगांठ को एक महोत्सव के रूप में मनाने का फैसला लिया है और “आजादी का अमृत महोत्सव” वह कार्यक्रम है जिसकी छांव में भारत सरकार के द्वारा, 75 वीं साल में चल रहे आजाद भारत कि संस्कृति और आजादी के संघर्ष को लोगों तक पहुंचाने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। और भारत की आजादी के बाद ईसके गणतंत्र बनने में भारत की आत्मा कहे जाने वाले संविधान का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। लिहाजा संविधान निर्माण के इतिहास को दर्शाती यह डिजिटल फोटो प्रदर्शनी था आज शुभारंभ किया गया।
संविधान में उल्लेखित सिद्धांतों और विचारों का पालन व प्रचार हमारा दायित्व: सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर
आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संविधान का निर्माण ई चित्र प्रदर्शनी और चित्रांजलि@75 वर्चुअल फिल्म पोस्टर प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने अपने विचार रखते हुए कहा, हमारे संविधान को जिन सिद्धांतों और विचारों के साथ बनाया गया था, हम सबका दायित्व बनता है कि हम अपने संविधान और उसमें उल्लेख किए गए सिद्धांतों और विचारों को रक्षित और प्रचारित करें।
2047 में तक भारत शक्तिशाली बनकर उभरे यही होगा हमारा लक्ष्य: केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी.किशन रेड्डी
इस कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी भी मौजूद रहे और अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने कहा, ये प्रमुख विषय है कि 2047 में जब देश की आज़ादी को 100 साल पूरे होंगे तब भारत कैसा होना चाहिए। 2047 में कोई भी प्रधानमंत्री होगा, किसी भी पार्टी की सरकार होगी ये अलग बात है। 2047 में हमारा भारत शक्तिशाली बनकर उभरे ये हमारा लक्ष्य होगा।

