नई दिल्ली: वीरवार को केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका के जवाब में कहा कि पीएम केयर्स फंड भारत सरकार का फंड नहीं है और इसकी राशि भारत सरकार की संचित निधि का हिस्सा नहीं है। प्राइम मिनिस्टर सिटीजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन फंड इन शॉर्ट कहें तो (PM-CARES Fund) पीएम केयर्स फंड देश में आपातकालीन संकट से निपटने के लिए बनाया गया।
देश में COVID-19 ने जब संकट पैदा किया तो देश के बड़े कॉरपोरेट्स और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों के साथ साथ आर्थिक दृष्टि से मध्यवर्गीय और निम्न स्तर के लोगों ने भी पीएम केयर्स फंड में दिल खोलकर दान दिया जिसके बाद लगातार पीएम केयर्स फंड और इसमें में जमा राशि का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग उठती रही है। इसी कड़ी में दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करते हुए मांग की गई थी कि संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत PM-CARES फंड को ‘राज्य’ घोषित किया जाना चाहिए और इसके साथ ही इसे RTI के अंदर भी लाया जाना चाहिए.
अब केंद्र सरकार की ओर से इस याचिका के जवाब में दिल्ली हाई कोर्ट को दी गई जानकारी में बताया गया कि पीएम केयर्स फंड भारत सरकार का फंड नहीं है और इसकी राशि भारत सरकार की संचित निधि का हिस्सा नहीं है। और इसको सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे में नहीं लाया जा सकता है साथ ही इसे “राज्य” के रूप में भी घोषित नहीं किया जा सकता है।

