नई दिल्ली: बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री गति-शक्ति योजना का शुभारंभ किया जिसके जरिए देश के अंदर आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय बिठा कर लागत को कम करने और कार्यों में गति लाने का प्रयास किया जाएगा
21वीं सदी के भारत के निर्माण के लिए नई ऊर्जा देगा ये महाअभियान: पीएम मोदी
इस योजना की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस महाअभियान के केंद्र में हैं भारत के लोग, भारत की इंडस्ट्री, भारत का व्यापार जगत, भारत के मैन्यूफैक्चरर्स और भारत के किसान। ये भारत की वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को 21वीं सदी के भारत के निर्माण के लिए नई ऊर्जा देगा, उनके रास्ते के अवरोध समाप्त करेगा।
अब समझिए क्या है गति शक्ति योजना
भारत में रोड, रेलवे, गैस लाइन, और इंटरनेट सुविधाओं के आलावा बंदरगाह और एयरपोर्ट, प्लांट आदि को स्थापित करने की की व्यवस्था के लिए अलग-अलग विभाग नियुक्त किए गए हैं। यह विभाग अपने-अपने स्तर पर अपने समय से काम करते हैं, ऐसे में जहां कहीं किसी काम के लिए एक विभाग को दूसरे विभाग के साथ समन्वय करना पड़ता है तो व्यवस्था के अभाव से बेहद वक्त लगता है। ऐसे में इस योजना के जरिए प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी अलग-अलग विभागों को एक छत के नीचे काम करने का मौका मिले।
गति शक्ति योजना के अंतर्गत सबसे पहले सभी मंत्रालयों को एकत्र किया गया और इन मंत्रालयों को जोड़ने का माध्यम बना इंटरनेट। इस दिशा में इसरो द्वारा बनाए गए इंटीग्रेटेड पोर्टल पर 16 मंत्रालयों को जोड़ा गया है जहां 200 से ज्यादा लेअर्स पर इन मंत्रालयों के काम की विजिबिलिटी मिलेगी। जिससे एक मंत्रालय किसी अन्य मंत्रालय के द्वारा किए जा रहे हैं काम के विषय में जानकारी हासिल कर सकता है। योजना के अंतर्गत रोड रेलवे पोर्ट और सिविल एविएशन सब एक छत के नीचे आकर काम करेंगे। इसके अलावा केंद्र के मंत्रालयों के साथ-साथ राज्यों में काम कर रहे मंत्रालय भी इसका हिस्सा होंगे ताकि आपसी समन्वय से काम को निपटाया जा सके।

