शिमलाः हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि सैंकड़ों पुलिस जवान अपनी वर्दी में मुख्यमंत्री आवास ओकओवर में शक्ति प्रदर्शन करने पहुंच गए। अपनी मांगों को लेकर नाराज चल रहे पुलिस कांस्टेबलों ने एक बार फिर से पुलिस मेस का खाना छोड़ दिया है।
जस्टिस फॉर HP पुलिस
इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी अपना हक हासिल करने की जंग छेड़ दी है। ई-मेल से लेकर व्हाट्सएप तक का इस्तेमाल कर जवान ‘जस्टिस फॉर एचपी पुलिस हैश टैग’ का उपयोग कर लोगों को सरकार से अपनी नाराजगी का कारण बताने में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस के जवान अपने हितों के लिए किसी भी तरह का आंदोलन नहीं कर सकते। ऐसे में वह अन्न त्याग आंदोलन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने किया बैठक का एलान
सरकार ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास घेरे जाने पर बैठक का एलान तो किया लेकिन अब तक बैठक नहीं हो सकी है। जाहिर है कि अब सरकार की चुप्पी पुलिसकर्मियों के सब्र का बांध तोड़ रही है।
पुलिस कर्मियों का शांति प्रदर्शन
दरअसल जेसीसी मीटिंग में अनदेखी से राज्य के हजारों पुलिस जवानों में सरकार के प्रति भारी नाराजगी है। बीते रविवार के दिन पुलिस जवानों ने अपनी वर्दी में मुख्यमंत्री आवास और ओक ओवर में शांति प्रदर्शन किया। इस कदम ने मुख्यमंत्री सहित पूरी अफसरशाही को हिला कर रख दिया है।
वहीं, पिछले दिनों हुई जेसीसी की बैठक में सीएम जयराम ठाकुर ने अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की अवधि तीन से दो साल करने का एलान किया लेकिन पुलिस कांस्टेबलों के पे बैंड की अवधि कम करने की कोई घोषणा नहीं की।
लंबे समय से चली आ रही मांगों को किया अनसुना
पुलिस कर्मचारियों में इस बात से भारी नाराजगी है कि जेसीसी में कर्मचारियों के एक वर्ग को तो सौगात दी गई, लेकिन उनकी लम्बे समय से चली आ रही मांगों को बिलकुल अनसुना कर दिया गया। जिसके चलते नाराज पुलिस कांस्टेबल सरकारी मैस का खाना छोड़ चुके हैं।







