बुजर्गों और बीमारों में संक्रमण का अधिक खतरा, सेहत का अधिक ख्याल रखने की आवश्यकता: धीमान
अंकुश डोभाल/शिमला। हिमाचल प्रदेश आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और हिमाचल स्वास्थ्य देखभाल योजना ( हिमकेयर) संचालित कर रहा है ताकि अस्पतालों में भर्ती होने पर पात्र लाभार्थियों को कैशलेस उपचार उपलब्ध हो सके। इन दोनों योजनाओं के तहत अब तक 1.30 लाख से अधिक लाभार्थियों का इलाज किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में इस समय 200 अस्पताल समानीकृत (empanelled) हैं, जिनमें 62 निजी समानीकृत स्वास्थ्य देखभाल सेवा प्रदाता हैं। यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान ने बताया कि वर्तमान समय में वैश्विक कोरोना महामारी के मध्यनजर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कोविड-19 के परीक्षण एवं उपचार को शामिल किया हैं। इसके साथ ही प्रदेश रारकार ने भी हिमकेयर योजना के तहत परीक्षण एवं उपचार को सम्मिलित किया है, जिसके लिए ऐसे समानीकृत इच्छुक निजी अस्पतालों से उनकी अभिव्यक्ति आगामी तीन दिनों में मांगी है, जिनके पास इनडोर 20 बिस्तरों के साथ 10 ऑक्सीजन सुविधा, वेंटिलेटर के साथ कम से कम 2 ICU की सुविधा के साथ फिजिशियन एवं एनेस्थिसियोलॉजिस्ट की सेवायें चौबीस घंटे कॉल पर उपलब्ध हों।
उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुजुर्गों में कोविड-19 संक्रमण कि संभावनाओं को कम करने के लिए एक परिपत्र जारी किया है जिसमें कहा गया है कि बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और सहरूग्णता की वजह से उनमे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। प्रदेश में मुख्यनंत्री निरोग योजना के तहत 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के 17.8 लाख लोगों के सामान्य गैर संचारी रोगों की जांच की गयी, जिसमें इन रोगों से पीड़ित रोगियों की सूचना संकलित कर सॉफ्टवेयर में तैयार की गयी है। इसके अतिरिक्त हाल ही में किये गए ACF अभियान के तहत पाया गया कि प्रदेश में 1007739 लोग यानि करीब 14.5 प्रतिशत जनसंख्या बुजुर्गों की है और उन में उच्च रक्तचाप, मधुमेय, दमा या कोई अन्य पुरानी बीमारियां है। अभी तक के शोध के मुताबिक, कोविड-19 वृद्धों और उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फेफड़े की बीमारी, कैंसर या मधुमेह से जूझ रहे लोगों को दूसरों की तुलना में अधिक संक्रनण का खतरा रहता है। ऐसे में बुजुर्गों की सेहत का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। इन्हें दूसरों की तुलना में अधिक संक्रमण का खतरा रहता है। ऐसे में बुजुर्गों की सेहत का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। सामाजिक दूरी/परस्पर दूरी या सोशल डिस्टेन्सिंग को आज के महामारी के दौर में हम अक्सर अपनाने का आग्रह करते हैं। सामाजिक दूरी को एक गैर फार्मास्युटिकल संक्रमण की रोकथाम और रोग से संक्रमित व्यक्ति द्वारा रोगजनक पैदा करने व असंक्रमित व्यक्ति के बीच संपर्क से बचने या कम कर नियंत्रित करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है । इससे समुदाय में रोग संचरण को रोका और कम किया जा सकता है ।अंततः यह संक्रमण को कम और बीमारी के कारण होने वाली रुगणता व मृत्यु दर में कमी लाती है । स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण विभाग रामय समय पर परस्पर दूरी (Social Distancing) और COVID-19 संक्रमण को रोकने के लिए बरती जाने वाली अन्य सावधानियों पर दिशा-निर्देश जारी करता रहता है। यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान ने बताया कि हालांकि, लॉकडाउन उपायों की आंशिक छूट के साथ
कार्यातयों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, परिवहन और सभी सार्वजानिक स्थानों पर सोशल डिस्टेन्सिंग के उपायों एवं परामर्श का पालन करना अनिवार्य हो गया है । परस्पर
दूरी के आवश्यक उपायों को हर एक को अपनाना होगा, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक एडवाइजरी भी जारी की है जिसके तहत सभी को अन्य व्यक्तियों से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाये रखनी चाहिए। हर एक को अपने घर से निकलते ही फेस मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए । फेस कवर साबुन / डिटर्जेट और गर्म पानी से धोने के बाद सूखा कर पुनः उपयोग करना चाहिए। इन्फ्लुएंजा जैसी बिमारी से पीड़ित है तो उसे किसी चिन्हित कमरे में घर के अन्य यदि कोई
सदस्यों विशेषतः बुजुर्गों और सह रुगणता जैसे उच्च रक्तचाप, इदय रोग, मधुमेय और गुर्दे की बिमारी वाले लोगों से दूर रखना चाहिए । अस्वस्थ व्यक्ति को चिकित्सक के निर्देशों का पालन करके परामर्श के साथ ही दवाओं का सेवन करना चाहिए। हाल ही में यदि किसी ने अन्य क्षेत्रों की यात्रा की हो तो उसे चौदह दिनों के लिए संगरोध होना चाहिए और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता / आशा कार्यकर्ता या अन्य प्राधिकृत निगरानी अधिकारी की सलाह को मानना चाहिए । संगरोध में रह रहे व्यक्ति में यदि खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण नजर आये तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए या 104 हेल्पलाइन नम्बर पर लक्षणों की सूचना देनी चाहिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) ने बताया कि आज प्रदेश भर में 1498 लोगों के सैम्पल जांच हेतु लिए गए, जिसमें एक व्यक्ति की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है, 505 सैम्पल की जांच रिपोर्ट गेगेटिव पारयी गयी है और 992 लोगों की जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है। प्रदेश में इस समय तक 33937 लोगों की जांच की जा चुकी है जिसमें से 32635 लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव पायी जा चुकी है एवं 291 व्यक्तियों में इस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। 201 लोग अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।






