धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के लांस नायक विवेक कुमार का शव गग्गल एयरपोर्ट पर लाया गया है। यहां पर सीएम जयराम समेत अन्य लोगों ने विवेक के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विवेक के पिता रमेश चंद सहानुभूति देते हुए कहा कि यह बेटा आपका नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश का बेटा है।
विवेक का पार्थिव शरीर पहुंचा कांगड़ा एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की तरफ से विवेक के परिवार को दस लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, शहीद के परिवर के एक सदस्य को नौकरी देने पर भी विचार किया जाएगा। शनिवार को दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब शहीद विवेक का पार्थिव शरीर कांगड़ा एयरपोर्ट पर सेना के विशेष विमान से पहुंचा। इस दौरान शहीद के पिता प्रीतम चंद और चचेरे भाई अजीत कुमार भी साथ में थे।
राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ठेहडू पहुंच जाएगा। जहां उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।इससे पहलेशुक्रवार को विवेक के परिजन दिल्ली गए थे और वहां उन्होंने विवेक के शव की पहचान की। डीएनए सैंपल भी मैच किए गए। विवेक की यूनिट नाहन में पोस्टेड थी, लेकिन वह पैरा कमांडो थे और डेढ़ साल पहले ही उन्हें सीडीएस बिपिन सिंह रावत के पीएसओ के रूप में तैनात किया गया था।
कॉम्बैट फ्री फॉल में माहिर थे विवेक
विवेक बहुत ही स्किल्ड और युद्ध में माहिर फौजी थे। वह कश्मीर में सेवाएं देने के अलावा, चाइना बॉर्डर पर भी तैनात रह चुके थे। वह पैरा कमांडो थे और कॉम्बैट फ्री फॉल में माहिर थे। लांस नायक विवेक कुमार 2012 में जैक राइफल में भर्ती हुए थे। बाद में वह पैरा कमांडो के रूप में सेवाएं दे रहे थे। साल 2020 में विवेक की शादी हुई थी।







