धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने जस्टिस फॉर पुलिस की मांग को लेकर हंगामा किया और सदन में ही नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
पुलिसकर्मियों की मांगों को किया जा रहा अनसुना
दरअसल, जयराम सरकार द्वारा की गई जेसीसी मीटिंग में कर्मचारियों के एक वर्ग को तो सौगात दी गई, लेकिन पुलिसकर्मियों की लम्बे समय से चली आ रही मांगों को बिलकुल अनसुना कर दिया गया। पुलिस कांस्टेबलों के पे बैंड की अवधि कम करने की कोई घोषणा नहीं की गई।
पुलिस का मामला गंभीर: जगत प्रकाश नेगी
इस मामले को लेकर किन्नौर के विधायक जगत प्रकाश नेगी का कहना है कि पुलिस का मामला गंभीर है और सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम इस पर सदन में चर्चा चाह रहे थे परंतु सरकार ने इस पर चर्चा भी नहीं की। हम पुलिस के साथ है।
परिजनों पर दर्ज एफआईआर को किया जाए निरस्त
वहीं नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार पुलिस और अन्य कर्मचारियों के साथ भेदभाव कर रही है। हम पुलिस के साथ है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि पुलिस कर्मचारियों के परिजनों पर दर्ज एफआईआर तत्काल निरस्त किए जाए।
पुलिस पे बैंड, कांग्रेस सरकार की देन
वहीं वन मंत्री राकेश पठानिया ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पुलिस के वेतन को लेकर जो कानून बनाया गया था वो कब और किसने बनाया था। यह कानून कांग्रेस की सरकार के दौरान ही पास हुआ है और आज विपक्ष में बैठकर कांग्रेस अपने ही पास किए कानून को लेकर विरोध कर रहे हैं।







