धर्मशाला: हिमाचल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की शुरूआत भी हंगामे के साथ हुई है। सदन की कार्रवाई शुरू होते ही नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने प्वाइंड ऑफ आर्डर के तहत पुलिस जवानों में असंतोष को लेकर चर्चा की मांग की। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष की इस मांग को अस्वीकार कर दिया।
विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि जगत नेगी, मुकेश अग्निहोत्री, नंदलाल ने सुबह 9:58 पर चर्चा मांगी। इस पर 13 दिसंबर को स्थगित प्रश्न तारांकित लगा हुआ है। जिस पर राजेंद्र राणा, आशा कुमारी समेत कई विधायकों ने सवाल मांगे हैं। सदस्य अनुपूरक सवाल भी पूछ सकते हैं। ऐसे में चर्चा नहीं हो सकती।
प्रश्नकाल शुरू कर दिया गया लेकिन कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते रहे और वेल में आ पहुंचे। प्रश्नकाल के बीच कांग्रेस विधायकों ने वाकआउट कर लिया। प्रश्नकाल खत्म होते ही कांग्रेस विधायक सदन में लौट आए।
पुलिस के मुद्दे को सुलझाने की मांग
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पुलिस कर्मियों के मुद्दों पर सदन से वाकआउट किया गया। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में ही पुलिस के मुद्दे सुलझाने की मांग की है। पुलिस कर्मियों में असंतोष है। कांग्रेस विधायक दल के चीफ विहिप जगत सिंह नेगी ने कहा कि पुलिस कर्मियों के परिजनों पर दर्ज मुकदमे वापिस लिए जाएं और शांतिपूर्वक अपनी बात कहने आए परिजनों पर कार्रवाई करना गलत है।
पुलिस पे बैंड कांग्रेस सरकार की देन
वन मंत्री राकेश पठानिया ने पुलिस कर्मियों के साथ अन्याय के लिए पूर्व की कांग्रेस सरकार को कसूरवार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2015 में अधिसूचना जारी कर पुलिस को बांड के तहत 8 वर्ष तक अनुबंध पर लाया था। 2015 की अधिसूचना के कारण प्रदेश के पुलिस कर्मचारी बांड आधारित अन्यायपूर्ण व्यवस्था के तहत पीड़ित हो रहे हैं। कांग्रेस नेता पुलिस कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं।







