शिमला: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की प्रस्तावित नीति से बैंक कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। इसको लेकर विरोध का दौर शुरू हो चुका है। देश भर के 10 लाख बैंककर्मी दो दिन यानी 16 व 17 दिसंबर को शिमला सहित देश भर में हड़ताल करेंगे। जिससे बैंक शाखाओं में तालाबंदी रहेगी।
इस हड़ताल की वजह से करोड़ों रुपये का लेन-देन प्रभावित होगा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के प्रदेश संयोजक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि सरकार संसद के वर्तमान सत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करने के लिए बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021 ला रही है। इस विधेयक के पारित होने से सरकार की 51 फीसदी हिस्सेदारी कम हो जाएगी और इससे बैंकिग व्यवस्था निजी हाथों में चली जाएगी।
निजीकरण से बैंकों को भारी नुकसान
उन्होंने कहा कि निजीकरण से बैंकों को भारी नुकसान होगा। यह नुकसान अकेले बैंकों तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि आम जनता पर भी इसका असर पड़ेगा। निजी क्षेत्र के बैंक पब्लिक को सरकारी योजनाओं के लिए ऋण नहीं देते। अगर हमारे बैंक भी निजी हो गए तो आम आदमी को ये ऋण नहीं मिल पाएंगे। इससे देश की आर्थिक विकास की गति कमजोर होगी।







