स्पेशल डेस्क: यूपी विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। प्रदेश में 403 सीटों पर कुल सात चरणों में मतदान होगा। पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होगा। पहले चरण की शुरुआत पश्चिमी यूपी से हो रही है।
वहीं, दूसरे चरण का मतदान 14 फरवरी, तीसरे चरण का मतदान 20 फरवरी, चौथे चरण का मतदान 23 फरवरी, 5वें चरण का मतदान 27 फरवरी, छठे चरण का मतदान 3 मार्च और 7वें चरण का मतदान 7 मार्च को होगा। वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी।
किस चरण में किन जिलों में होंगे चुनाव
पहला चरण-10 फरवरी
कुल सीटें- 58
11 जिले- बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मथुरा, आगरा, गौतम बुद्ध नगर और अलीगढ़।
दूसरा चरण- 14 फरवरी
कुल सीटें- 55
9 जिले- संभल, अमरोहा, बिजनौर, सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर।
तीसरा चरण- 20 फरवरी
कुल सीटें- 59
16 जिले- कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, हाथरस, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर।
चौथा चरण- 23 फरवरी
कुल सीटें- 60
9 जिले- लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर, बांदा।
पांचवा चरण- 27 फरवरी
कुल सीटें-60
11 जिले- बाराबंकी, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, चित्रकूट, प्रयागराज।
छठा चरण- 3 मार्च
कुल सीटें- 57
10 जिले- बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, अंबेडकर नगर, गोरखपुर, बलिया, देवरिया।
सातवां चरण- 7 मार्च
कुल सीटें-54
9 जिले- जौनपुर, मऊ, आजमगढ़, संत रविदास नगर, वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, चंदौली और सोनभद्र।
कोविड संक्रमितों के घर जाएगी EC की टीम
उन्होंने बताया कि सभी बूथ पर पुरुष और महिला सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। दिव्यांगों के लिए हर बूथ पर विशेष इंतजाम होंगे। व्हील चेयर भी हर बूथ पर होगी। कोविड प्रभावित या कोविड संदिग्ध के घर वीडियो टीम के साथ आयोग की टीम विशेष वैन से जाएगी और वोट डलवा कर आएगी। इन्हें बैलेट पेपर से वोट डालने का अधिकार मिलेगा।
15 जनवरी तक जनसभाओं और रोडशो पर रोक
आयोग ने देश में कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए 15 जनवरी तक जनसभाओं, साइकिल एवं बाइक रैली और पदयात्राओं पर रोक लगा दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि 15 जनवरी के बाद स्थिति का जायजा लेकर आयोग आगे का निर्णय लेगा। अनुच्छेद 171 (1) का हवाला देते हुए चंद्रा ने कहा कि विधानसभा का कार्यकाल पांच साल में खत्म होना है और इसलिए चुनाव जरूरी हैं।







