स्पेशल डेस्क: हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राजधानी शिमला सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के चलते सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में बड़े पैमाने पर सैंकड़ों सड़कों के अवरूद्व होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
चार हाईवे समेत 612 संपर्क मार्ग बंद
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार सुबह तक प्रदेश में चार हाईवे समेत 612 संपर्क मार्ग बंद थे। जबकि 1697 बिजली ट्रांसर्फामर भी ठप पड़े हैं। इसके अलावा 114 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग व बिजली बोर्ड युद्ध स्तर पर बहाली का काम कर रहे हैं।
कुल्लू जिले में चार दिन की बर्फबारी से लोक निर्माण विभाग व एनएच प्राधिकरण को साढ़े चार करोड़ का नुकसान हुआ है। जबकि बिजली बोर्ड को 14 लाख रुपये की चपत लगी है। भारी बर्फबारी से जिला भर में कई सड़कें व डंगे ढह गए हैं।
सड़क मार्गों को बहाल करने में जुटा पीडब्ल्यूडी
कुल्लू जिले में मंगलवार को धूप खिलने के बाद बीआओ और लोक निर्माण विभाग बर्फबारी से ठप पड़े मार्गों को बहाल करने के लिए जुट गया है। दोनों ने अपनी मशीनरी व मजदूरों को सड़क बहाली के लिए तैनात किए हैं। कुल्लू व लाहौल-स्पीति जिलों में अब तक बर्फबारी से 200 सड़कें बाधित हुई हैं।
मोमबत्ती जलाकर कटी सर्द रातें
लाहौल और कुल्लू के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने माइनस तापमान के बीच मोमबत्ती जलाकर सर्द रातें काटीं। दोनों जिलों में भारी बर्फबारी से 500 से ज्यादा बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं।
सड़कों पर बर्फ जमने से आवाजाही बाधित
वहीं, शिमला में भी बर्फबारी आफत बन कर आई हैं। शिमला शहर के कोर एरिया के तकरीबन सभी वार्डों में पैदल रास्तों और सड़कों पर बर्फ जमने से आवाजाही बाधित है। कई जगह गाड़ियां भी स्किड हुई हैं। शहर की अधिकतर सड़कों पर कोहरा जमने के कारण वाहन स्किड होकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
बर्फ पर फिसल कर पलटी वेन
लक्कड़ बाजार के पास एक वेन बर्फ पर फिसलकर पलट गई। संजौली में भी निजी बस के स्किड होने के बाद दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना है। इस भारी हिमपात से शहर में आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर में खाद्य वस्तुएं दूध, ब्रेड और सब्जी जैसी मूलभूत चीजों की सप्लाई देरी से पहुंची। शहर की मुख्य व अंदरूनी सड़कों पर दोपहर तक यातायात ठप रहा तथा बसें नहीं चलने से लोग पैदल बाजार व दफ्तर पहुंचे।
राष्ट्रीय राजमार्ग-5 चार दिनों से बंद
जिला व नगर निगम प्रशासन द्वारा सड़कों का बहाली कार्य प्रगति पर है। वहीं, राजधानी को ऊपरी शिमला से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 चार दिन बाद भी बंद है। सड़क संपर्क बंद होने के कारण अब लोगों की परेशानियां बढ़नी शुरू हो गई हैं। शिमला में फंसे लोग अपने घरों की ओर नहीं जा पा रहे और ऊपरी शिमला से भी जरूरी काम के लिए लोग शिमला नहीं पहुंच पा रहे हैं।
किन्नौर में हुआ जनजीवन अस्त व्यस्त
वहीं, किन्नौर जिले में भी मौसम खुलने के बाद भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। नारकंडा एनएच-5, जलोड़ी-जोत-305 सहित कई ग्रामीणों रूटों पर एचआरटीसी बसों की आवाजाही ठप है।
छह शहरों में न्यूनतम तापमान माइनस दर्ज
वहीं, प्रदेश के छह शहरों में न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है। 2.2, सुंदरनगर 1.7, भुंतर माइनस 0.1, कल्पा माइनस 8.0, धर्मशाला 4.2, ऊना 5.5, नाहन 8.1, केलांग माइनस 15.4, पालमपुर 2.0, सोलन 0.8, मनाली माइनस 3.8, कांगड़ा 4.0, मंडी 4.0, बिलासपुर 6.0, हमीरपुर 5.8, चंबा 2.1, डलहौजी माइनस 1.2, कुफरी माइनस 3.0, जुब्बड़हट्टी 3.5 और पांवटा साहिब में 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।







