स्पेशल डेस्क: देशभर के साथ हिमाचल प्रदेश में भी गणतंत्र दिवस पूरे जोश के साथ मनाया गया। वहीं इस जश्न के बीच भाजपा नेताओं के संबोधन में से कई ऐसी बातें निकल कर सामने आई जिसने न केवल प्रदेश को बल्कि पूरे देश को शर्मसार कर दिया।
करसोग के विधायक हीरा लाल जब गणतंत्र दिवस के मौके पर लोगों को संबोधित करने लगे तो उनकी जुबान फिसल गई। अपने संबोधन में संविधान के बारे में जानकारी देते हुए वह खुद ही भूल गए की भारत का संविधान कब लागू हुआ।
उन्होंने भरी सभा में आनन-फानन में कह दिया कि भारत का संविधान 1952 को लागू हुआ था, जबकि 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ। इस दिन भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया। तब से इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है। करसोग ब्लॉक कांग्रेस के महासचिव ने तो यह तक कह दिया कि जब करसोग के विधायक को यह मालूम ही नहीं कि हमारा संविधान कब लागू हुआ था, वह करसोग का विकास क्या करेंगे।
वही गणतंत्र दिवस पर हिमाचल के जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर बिलासपुर में आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। मंत्री ने अपने संबोधन में देश के वीरों की गाथा सुनाते हुए कारगिल युद्ध में परमवीर चक्र विजेता संजय कुमार जो कि अब भी देश सेवा में जुटे हुए हैं उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र मिलने की बात कह दी।







