स्पेशल डेस्क: भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान चरणजीत सिंह का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने चरणजीत सिंह के निधन पर दुख जताया है। चरणजीत सिंह हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के रहने वाले थे। उनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने 1964 में टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था।
अनुराग ठाकुर ने ट्वीट कर लिखा, ”देवभूमि हिमाचल के ऊना में जन्मे पूर्व भारतीय हाकी खिलाड़ी व कप्तान श्री चरणजीत सिंह जी का देवलोकगमन दुखदाई है। आपका देहावसान खेल जगत की एक बहुत बड़ी क्षति है। चरणजीत जी के नेतृत्व में ही भारतीय टीम ने 1964 में टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। खेल में उन्हें असाधारण प्रतिभा व उल्लेखनीय योगदान के लिए अर्जुन अवार्ड और पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। आपका जीवन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। ईश्वर स्नेहजनों को यह दुःख सहने की शक्ति व पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।”
वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ट्वीट किया, “ऊना से पूर्व हॉकी खिलाड़ी और 1964 ओलंपिक खेलों में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे, पद्मश्री व अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित चरणजीत सिंह जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकग्रस्त परिवार को संबल प्रदान करें। ॐ शांति!”
बता दें कि भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान चरणजीत सिंह का जन्म 3 फरवरी 1931, ऊना में हुआ था। स्कूली स्तर पर उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया था। उन्होंने पंजाब के गुरदासपुर और लायलपुर में अपनी शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने लुधियाना से एग्रीकल्चर में बीएसई की पढ़ाई की।


