स्पेशल डेस्क: मंडी में जहरीली शराब कांड के बाद आबकारी विभाग हरकत में आ गया है। विभाग की टीमें रोजाने प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अवैध शराब और अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी बीच विभाग की टीम ने 6400 लीटर अवैध स्पिरिट पकड़ी है।
इस बारे जानकारी देते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य कर एवं आबकारी विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश स्थित विभिन्न ट्रांसपोर्टर्स एवं लॉजिस्टिक कंपनियों के गोदामों पर विभाग के अधिकारियों द्वारा आबकारी अधिनियम के अंतर्गत छापेमारी की जा रही है। ई-वे बिल की चेकिंग के दौरान मिले इनपुट्स के आधार पर कंपनी के कागज़ातों की गहनता से छानबीन की जा रही है।
मंडी जिले में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत के बाद सरकार हरकत में आ गई है। आबकारी व कराधान विभाग पिछले कुछ दिनों से अवैध शराब के धंधे पर सख्त कार्रवाई कर रहा है। इथाइल मेडिकल सॉल्यूशन लैब रिजेंट 96 फीसदी के साथ आयात किया जा रहा है।
एक ई-वे बिल के तहत 1400 लीटर में इस सॉल्यूशन की लॉजिस्टिक एक फर्म के सुंदरनगर स्थित गोदाम में उतारी गई। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने इसे कब्जे में ले लिया है। इस खेप में 4 ड्रम 200 लीटर क्षमता और 6 ड्रम प्रति 100 लीटर क्षमता के हैं।
इस मामले में विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य बिल जिसके अंतर्गत 5000 लीटर उक्त साॅल्यूशन का आयात किया जाना था। उसको फर्म के हिमाचल प्रदेश से बाहर स्थित गोदाम में रोक दिया गया था, लेकिन 28 जनवरी, 2022 को विभागीय अधिकारियों द्वारा जिला ऊना के अम्ब क्षेत्र में अपनी ई-वे बिल चेकिंग के दौरान गाड़ी नंबर HR37D9594 को चेकिंग के लिए रोका तो पाया कि इसमें उक्त ई-वे बिल जिसे विभाग ने ऑनलाइन सिस्टम द्वारा चेक किया था उसके अंतर्गत इथाइल मेडिकल साॅल्यूशन लेबोरेटरी रीजेंट 5000 लीटर का आयात किया जा रहा था।
विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त गाड़ी को अपने कब्जे में लिया गया है। गाड़ी को चेक किया गया तो उसमें 200 लीटर क्षमता के 25 ड्रम में उक्त साॅल्यूशन पाया गया। इस संदर्भ में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।
विभाग के उड़नदस्ता मध्य क्षेत्र के संयुक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी राकेश भारती ने बताया कि विभाग द्वारा अभी तक कुल 6400 लीटर इथाइल मेडिकल साॅल्यूशन रीजेंट को अपने कब्जे में लिया गया है। उन्होंने बताया कि तय नियमों के अनुसार कार्रवाई करके दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।







