शिमला: हिमाचल प्रदेश में 3 फरवरी से 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए रोजाना खुलने जा रहे है। ऐसे में स्कूलों में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शिक्षा विभाग ने एसओपी जारी कर दी है। स्कूल के कमरे की क्षमता अनुसार पचास फीसदी विद्यार्थियों को ही एक कक्षा में बैठाया जाएगा। शेष विद्यार्थियों की क्लास दूसरे कमरे में लगाई जाएगी।
1 फरवरी से शिक्षक आएंगे स्कूल
प्रार्थना सभा, खेलकूद सहित एकत्र होने वाली अन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी। लंच ब्रेक और आने-जाने का समय कक्षावार अलग-अलग होगा। कक्षाओं में एक बेंच में एक ही विद्यार्थी को बैठाया जाएगा। वहीं, ग्रीष्मकालीन स्कूलों में शिक्षक 1 फरवरी से स्कूल आएंगे। कोरोना महामारी को देखते हुए विभाग ने आग्रह किया है कि सभी स्कूल प्रबंधन इन नियमों का सख़्ती से पालन करें।
शीतकालीन स्कूलों में 15 फरवरी तक अवकाश
बता दें कि प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 7 जनवरी 2022 तक सर्दियों की छुट्टियां दी गई थी। इसी बीच कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर सरकार ने 26 जनवरी तक स्कूलों को बंद कर दिया था। इसके बाद 31 जनवरी तक स्कूलों को दोबारा बंद रखने का फैसला लिया गया। शीतकालीन स्कूलों में पहले ही 15 फरवरी तक अवकाश दिया गया है।
कोरोना नियमों की पालना अनिवार्य
शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए फेस मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही स्कूल परिसरों में प्रवेश दिया जाएगा। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन ही जारी रहेंगी। आगामी दिनों में हालात की समीक्षा करने के बाद इन कक्षाओं को लेकर फैसला लिया जाएगा।
पुस्तकालयों में 100 विद्यार्थी ही एक समय में बैठ सकेंगे
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार से पुस्तकालय खुलेंगे। पुस्तकालयों में अधिकतम सौ विद्यार्थी ही एक समय में बैठ सकेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने केंद्रीय, राज्य और जिला पुस्तकालयों को खोलने के निर्देश जारी कर दिए हैं। पुस्तकालय की क्षमता के अनुसार पचास फीसदी विद्यार्थी ही एक समय में बैठाने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुस्तकालय अध्यक्षों को कोविड से बचाव के लिए बनाए नियमों का पालन करने को कहा गया है।







