स्पेशल डेस्क: आज साल 2022-23 का बजट पेश हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना चौथा बजट पेश कर रही हैं। सीतारमण ने 2019 में अपना पहला बजट पेश किया था। निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि इस बजट में विकास को प्रोत्साहन दिया गया है। साथ ही इस बजट में सरकार के इरादे को दर्शाया गया है। आईए जानते हैं बजट की बड़ी बातें…
बजट की बड़ी बातें
भारत की विकास दर 9.27 प्रतिशत रहने की उम्मीद
लोकसभा में बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की विकास दर 9.27 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
सीतारमण ने कहा कि हम कोरोना की ओमिक्रॉन लहर के बीच है। टीकाकरण की रफ्तार ने हमें बहुत राहत दी है। मुझे उम्मीद है कि सबके प्रयासों से मजबूत विकास का हमारा प्रयास जारी रहेगा।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सार्वजनिक निवेश में तेज से वृद्धि हुई है और कैपिटल एक्सपेंडिचर भी बढ़ा है। ये बजट युवाओं, महिलाओं और किसानों के साथ एससी-एसटी को भी फायदा देगा। इस बजट को पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान गाइड करेगा।
2022-23 से आएगा डिजिटल रुपया
ब्लॉकचेन और अन्य तकनीक की मदद से आरबीआई 2022-23 में डिजिटल रुपया जारी करेगा।
इससे इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।
अगले 25 सालों की अर्थव्यवस्था का ब्लूप्रिंट बनेगा ये बजट
केंद्रीय बजट अमृतकाल यानी अगले सालों के लिए भारत की अर्थव्यवस्था का आधार तैयार करेगा और इकोनॉमी का ब्लूप्रिंट देगा। इसके जरिए भारत आजादी के 75 साल से 100 साल तक का सफर तय करेगा।
अगले 3 सालों में 400 वंदेभारत ट्रेनें चलेंगी, 100 कार्गो टर्मिनल्स बनेंगे
अगले तीन सालों में 400 नई वंदे भारत ट्रेनें चलाई जाएंगी। 100 पीएम गति शक्ति कार्गो टर्मिनल्स बनेंगे और अगले तीन सालों में मेट्रो सिस्टम बनाने के लिए इनोवेटिव तरीके अपनाएं जाएंगे।
अगले 5 सालों में 40 लाख नई नौकरियां
आत्मनिर्भर भारत योजना के लक्ष्यों को पाने के लिए शुरू की गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव योजना को जबरदस्त रेस्पांस मिला है। इससे 60 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी और अगले 5 सालों में 30 लाख करोड़ का अतिरिक्त उत्पादन होगा।
वित्तमंत्री ने कहा कि 2021-22 में रवि सीजन और खरीफ सीजन में धान और गेहूं की खरीद 1208 लाख मीट्रिक टन रही है, जिसे 163 लाख किसानों से खरीदा गया. और 2.37 लाख करोड़ का एमएसपी आधारित डायरेक्ट पेमेंट सरकार की ओर से किया गया है। वित्तमंत्री ने कहा कि आने वाले सालों में पूरे देश में केमिकल फ्री खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इस दौरान गंगा किनारे रहने वाले किसानों की जमीन पर खास फोकस रहेगा। इसके लिए 5 किलोमीटर चौड़ा कॉरिडोर बनाया जाएगा।
एमएसएमई जैसेकि उद्यम, ई-श्रम, एनसीएस और असीम पोर्टल्स को आपस में जोड़ा जाएगा। ये पोर्ट्ल ऑर्गेनिक डाटा बेस के तौर पर काम करेंगे और क्रेडिट फैसिलिटेशन, उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे।
नाबार्ड के जरिए कृषि से जुड़े स्टार्टअप्स को दी जाएगी मदद
वित्तमंत्री ने कहा कि नाबार्ड के जरिए कृषि क्षेत्र के ग्रामीण और कृषि से जुड़े स्टार्टअप्स को वित्तीय सुविधा प्रदान की जाएगी। ये स्टार्टअप एफपीओ को सपोर्ट करेंगे और किसानों की तकनीकी सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
वित्तमंत्री ने कहा कि देश के 75 जिलों में 75 डिजिटल बैंक स्थापित किए जाएंगे। ये बैंक व्यावसायिक बैंक स्थापित करेंगे, जिससे कि डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा मिलेगा। देश के सभी पोस्ट ऑफिस को कोर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का अगला चरण ईज ऑफ लिविंग जल्द ही शुरू किया जाएगा।
केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट 44605 करोड़ खर्च होगा: वित्तमंत्री
वित्तमंत्री ने कहा कि केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट 44605 करोड़ खर्च होगा, 62 लाख लोगों को पेय जल मिलेगा। पांच रिवर लिंक्स के ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया गया है। MSME उद्यम ई श्रम एनसीएस और असीम पोर्टल मिलाए जाएंगे, व्यापक किए जाएंगे।130 लाख एमएसएमई की मदद की तैयारी, अतिरिक्त कर्ज़ दिया जाएगा। वित्तमंत्री ने कहा कि हॉस्पिटालिटी पैंडेमिक से पहले के स्तर तक नहीं पहुंची है। ईसीएलजीएस को मार्च 2023 तक बढ़ाया गया है।
5 साल में 6 हज़ार करोड़ का RAMP शुरू होगा। देश में टैक्स ई पोर्टल शुरू होगा, देशवासियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग मिलेगी। स्टार्ट अप में ड्रोन शक्ति पर बल दिया जाएगा। चुनिंदा आईटीआई में इसके कोर्स शुरू होंगे। कोरोना महामारी के चलते गरीब वर्ग के बच्चों की 2 साल की पढ़ाई का नुकसान हुआ है। 1 क्लास, 1 टीवी चैनल का दायरा बढ़ाया जाएगा। 12 से 200 टीवी चैनल किए जाएंगे। बोले जाने वाली सभी भाषाओं में कंटेट को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
वित्तमंत्री ने ऐलान करते हुए कहा कि इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम को मार्च 2023 तक बढ़ाया गया है। इस योजना के तहत गारंटी कवर को 50 हजार करोड़ तक बढ़ाया गया है और कुल कवर अब 5 लाख करोड़ का होगा।
2022-23 में ई-पासपोर्ट किया जाएगा जारी
नागरिकों की सुविधा बढ़ाने के लिए 2022-23 में ई-पासपोर्ट जारी किया जाएगा। 2022-23 में 60 किलोमीटर लंबे 8 रोपवे प्रोजेक्ट के लिए कांट्रैक्ट दिए जाएंगे।
केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने लाभ प्रदान करने के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय की मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 जैसी योजनाओं को व्यापक रूप से नया रूप दिया है। साथ ही पीएम ई विद्या के ‘वन क्लास, वन टीवी चैनल’ कार्यक्रम को 12 से 200 टीवी चैनलों तक बढ़ाया जाएगा। यह सभी राज्यों को कक्षा 1 से 12 तक क्षेत्रीय भाषाओं में सप्लीमेंट्री शिक्षा प्रदान करने में सक्षम बनाएगा। रेलवे छोटे किसानों और छोटे व मध्यम उद्यमों के लिए नए प्रोडक्ट और कुशल लॉजिस्टिक सर्विस तैयार करेगा।
अर्थव्यवस्था संभालने के लिए 2022-23 में राज्यों को 1 लाख करोड़ का आवंटन किया जाएगा। ये आवंटन 50 साल के लिए ब्याज मुक्त होगा और राज्यों को दी जाने वाली सामान्य ऋण से अलग होगा। इसका इस्तेमाल पीएम गति शक्ति योजना से जुड़ी परियोजनाओं के लिए होगा।
इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने में करदाताओं का राहत
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने करदाताओं को राहत देते हुए कहा कि अब करदाता अपनी गलतियों को ठीक कर सकते हैं और 2 साल के भीतर असेसमेंट ईयर के लिए अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
टैक्स कटौती की दर अब 14 फीसदी
केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए टैक्स में कटौती की दर को 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभ देने में मदद मिलेगा और उन्हें केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरफ सुविधाएं मिल सकेंगी।
पीएम आवास योजना के तहत 80 लाख घरों के निर्माण के लिए 48 हजार करोड़ का आवंटन किया जाएगा। इन आवासों का निर्माण शहरी और ग्रामीण इलाके में वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान किया जाएगा। बजट भाषण के दौरान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जनवरी 2022 में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 40 हजार 986 करोड़ का रहा है, जोकि जीएसटी की शुरुआत के बाद से सबसे ज्यादा है। वहीं, इनकम टैक्स स्लैब में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।
बजट ऐलान के बाद अब क्या-क्या होगा सस्ता
भारत में बनाई जा सकने वाली और इम्पोर्ट होने वाली दवा महंगी होगी। चमड़े का सामान सस्ता होगा। इलैक्ट्रॉनिक – मोबाइल चार्जर, कैमरा मॉड्यूल सस्ते होंगे, गहने सस्ते होंगे, कच्चे हीरे का आयात कर मुक्त किया गया। नकली गहनों पर 400 रुपया/किलो ड्यूटी। मेथोनॉल पर ड्यूटी कम की जाएगी। सोडियम सायनाइड पर ड्यूटी बढ़ेगी। छाते महंगे होंगे। स्टील सस्ती होगी। बटन, ज़िपर, चमड़ा, पैकेजिंग बॉक्स, सस्ता होगा। श्रिंप एक्वा कल्चर पर ड्यूटी कम की गई है।
निर्मला सीतारमण ने बदली कईं परंपराएं
पहले बजट में लाईं ‘बही-खाता’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019 में जब अपना पहला बजट पेश किया था, तब उन्होंने ब्रीफकेस में बजट दस्तावेज लाने की परंपरा तोड़ कर नया इतिहास लिखा। इसकी जगह वो लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज लेकर संसद पहुंची। ये भारतीय बही-खाते का स्वरूप था। इतना ही नहीं उस वक्त उनका बजट भाषण 2 घंटे 17 मिनट चला था और इसी के साथ उन्होंने 2003 में जसवंत सिंह के 2 घंटे 15 मिनट लंबे बजट भाषण देने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था।
2020 में तोड़ा भाषण का अपना ही रिकॉर्ड
निर्मला सीतारमण ने 2020 में अपना दूसरा बजट पेश किया, तो उन्होंने अपने 2019 के रिकॉर्ड को ही तोड़ दिया। इस बार उन्होंने संसद में 2 घंटे 42 मिनट लंबा भाषण दिया। इसने देश के इतिहास में सबसे लंबे वक्त चलने वाले बजट भाषण का नया रिकॉर्ड बनाया। इस भाषण के अंत में भी उनके दो पेज बाकी रह गए थे, जिसे उन्होंने पढ़ा ही नहीं और पीठ को यह कहकर बजट भाषण समाप्त कर दिया कि इसे पढ़ा हुआ मान लिया जाए।







