शिमला: हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का किसान, कर्मचारी, गरीबी, पिछड़े समुदाय और देश को विकास की गति देने के लिए बजट की तारीफ की। प्रान्त महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए देश को आर्थिक रूप से मजबूत करने वाला बजट बताया। जिससे प्रदेश और देश के करोड़ो कर्मचारियों को लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया गया है। जिसके तहत युवाओं का ध्यान रखते हुए उनके लिए बड़े ऐलान किए गए है। वित्तमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत 16 लाख नौकरियां दी जाएंगी। वहीं मेक इन इंडिया के तहत 60 लाख नौकरियां आएंगी।
इसके, अलावा वित्तमंत्री ने एक डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत योजना के लक्ष्यों को पाने के लिए शुरू की गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव योजना को बेहतर सफलता मिली है। इससे 60 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी और अगले 5 सालों में 30 लाख करोड़ का अतिरिक्त उत्पादन होगा। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार कुछ पैसे ज्यादा निवेश करने वाली हैं।
पिछले साल सरकार ने जहां, कोरोना महामारी के चलते एजुकेशन फील्ड में कटौती की थी, वहीं इस बार युवाओं की झोली में ओर बड़ी घोषणा होने की उम्मीद है। पिछले साल शिक्षा के क्षेत्र के लिए 99,300 करोड़ रुपये और स्किल डेवलपमेंट के लिए 3,000 करोड़ रुपये आवंटित करने का ऐलान किया गया था।
वहीं इस साल शिक्षा क्षेत्र में 99300 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसके अलावा नई शिक्षा नीति, नैशनल पुलिस यूनिवर्सिटी, डिग्री लेवल ऑनलाइन स्कीम, नैशनल फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेजों के निर्माण को लेकर भी उन्होंने घोषणा की थी।
इसके अलावा, स्किल डेवेलपमेंट इंडिया प्रोग्राम के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधन किया गया था। वित्त मंत्री ने घोषणा की था कि देश में 150 उच्च शिक्षण संस्थान मार्च 2021 से शुरू हो जाएंगे। इन संस्थानों में कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण देने का ऐलान किया था।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक के प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने केंद्र सरकार का शिक्षा के क्षेत्र में कक्षा 1 से 12 वीं तक के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में पूरक शिक्षा प्रदान करने के लिए वन क्लास वन टीवी चैनल की संख्या 12 से बढ़ा कर 200, एनपीएस के तहत योगदान राशि को राज्य सरकार के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कर कटौती को 10 प्रतिशत से बढ़ा कर 14 प्रतिशत किया गया







