शिमलाः हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनकर आने पर विद्यार्थियों को एंट्री नहीं मिलेगी। विद्यार्थियों को स्कूल वर्दी में ही स्कूल आना होगा। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में ड्रैस कोड के मुताबिक ही आना होगा और शिक्षण संस्थानों में हिजाब की इजाजत नहीं है।
बता दें कि कर्नाटक में हिजाब को लेकर उपजे विवाद के बाद अब पूरे देश में इस मामले को लेकर बयानबाजी जारी है। मामले पर हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है।
वहीं इससे पूर्व शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य सिंह भी हिजाब विवाद पर अपनी राय रख चुके हैं। उन्होंने ट्वीट लिखा कि “किसी भी शिक्षण संस्थान में वहां की वर्दी पहन कर ही जाना चाहिए, तभी उसकी गरिमा बनी रहती है।”
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में 17 फरवरी से पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए रोजाना स्कूल खोल दिए जाएंगे। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बनाए गए एसओपी के तहत कक्षाएं लगाई जाएंगी।
प्रार्थना सभा, खेलकूद सहित एकत्र होने वाली अन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी। लंच ब्रेक और आने-जाने का समय कक्षावार अलग-अलग होगा। कक्षाओं में एक बेंच में एक ही विद्यार्थी को बिठाया जाएगा।







