शिमलाः हिमाचल प्रदेश में करीब सात दिनों से चल रही डॉक्टरों की हड़ताल टल सकती है। प्रदेश सरकार ने शुक्रवार सुबह 10 बजे मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। सरकार का कहना है की पहले डाॅक्टरों की मांगों को लेकर बातचीत की जाएगी, उसके बाद ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।
यह मेडिकल ऑफिसर पंजाब की तर्ज पर मूल वेतन पर नॉन प्रैक्टिस अलाउंस (एनपीए) दिए जाने की मांग कर रहे हैं। एसोसिएशन का कहना है कि अगर बैठक सकारात्मक रहती है तो हड़ताल को समाप्त किया जाएगा। लेकिन अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज होगा।
इसी बीच प्रदेश भर में 17 फरवरी को भी 2 घंटे की डाॅक्टरों की पैन डाऊन स्ट्राइक जारी रहेगी। हिमाचल मेडिकल ऑफिसर संघ के सचिव डाॅ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि डॉक्टर प्रदेश सरकार से पंजाब की तर्ज पर मूल वेतन पर एनपीए की मांग कर रहे हैं। सरकार से कई बार इस मामले को उठाया गया है। अभी तक आश्वासन ही मिले हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को शीघ्र डाक्टरों की मांगों को मानना होगा, वरना आंदोलन रुकेगा नहीं बल्कि तेज होगा।
ये हैं डाॅक्टरों की मांगें
- छठे वेतन आयोग में वेतन विसंगतियों को दूर कर वेतन को पंजाब के आधार पर तय किया जाए।
- पंजाब के वेतनमान के आधार से 2.37 लाख रुपए पर ही तय करना, प्रमोशन में 4-9-14 को लागू करना, पीजी व अन्य डाॅक्टरों को विशेषज्ञ भत्ता दिया जाए।
- सरकार ने डाॅक्टरों का नॉन-प्रैक्टिस भत्ता, जो 25 फीसदी से घटा कर 20 फीसदी कर दिया है, उस कटौती को समाप्त किया जाए।
- कॉन्ट्रैक्ट आधार पर भर्ती डाॅक्टरों की 40 फीसदी कटौती को समाप्त कर पूर्ण 57100 रुपए के वेतनमान के आधार पर वेतन देना है।







