नई दिल्ली: यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए
अब भारतीय वायु सेना की मदद ली जाएगी। रेस्क्यू के लिए मोदी सरकार ने बड़ी तैयारी की है। बताया जा रहा है कि इस मिशन को सफल बनाने में भारतीय वायुसेना की मदद ली जाएगी।
ऑपरेशन गंगा में शामिल होगी भारतीय वायु सेना
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय वायु सेना को भी इस ऑपरेशन से जुड़ने के लिए कहा है। वायु सेना के हवाई जहाज़ों के जुड़ने से भारतीयों के लौटने की प्रक्रिया गति पकड़ेगी और उनकी संख्या में भी वृद्धि होगी। साथ ही साथ, भारत से भेजी जा रही राहत सामग्री भी और तेजी से पहुंचेगी।
एक बार में 400 यात्रियों का रेस्क्यू कर सकता है C-17 विमान
भारतीय वायु सेना के कई C-17 विमान आज ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ान शुरू कर सकते हैं। ये विमान काफी बड़े होते हैं और एक बार में 400 यात्रियों का रेस्क्यू कर सकते हैं।
यूक्रेन में बढ़ रहा खतरा
अभी तक एयर इंडिया द्वारा भारत के रेस्क्यू मिशन को चलाया जा रहा था। उसी के जरिए यूक्रेन में फंसे कई भारतीयों की वतन वापसी संभव हो पाई है। लेकिन अब यूक्रेन में स्थिति समय के साथ साथ बिगड़ती जा रही है।
C-17 निभाएगा बड़ी भूमिका
वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा भी खतरे में आ गई है। कई छात्र तो बंकरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में अब समय रहते सभी का वहां से रेस्क्यू जरूरी हो गया है। इसी वजह से अब ये चुनौतीपूर्ण काम वायुसेना को दिया जा रहा है।
यूक्रेन में सभी हवाई क्षेत्र बंद
गौरतलब है कि 24 फरवरी को रूस द्वारा हमला करने के बाद यूक्रेन का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को रोमानिया, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया से लगी उसकी (यू्क्रेन की) सीमा चौकियों के जरिए वहां से बाहर निकाल रहा है।
पीएम मोदी ने 4 मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुंच कर भारतीयों को सुरक्षित एवं सुगम तरीके से निकालने में समन्वय करने की जिम्मेदारी दी है। इसके तहत, केंद्रीय मंत्री वी के सिंह पोलैंड में, किरेन रिजिजू स्लोवाकिया में, हरदीप पुरी हंगरी में जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया और माल्डोवा में समन्वय करेंगे।


