नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन के बीच आज दसवें दिन भी जंग जारी है। इस बीच यूक्रेन मे फंसे भारतीय लोगों को ऑपरेशन गंगा के तहत स्वदेश लाने का काम भी तेजी से हो रहा है। यूक्रेन से भारत लौटने वाले मेडिकल छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने की चिंता सता रही थी।
अब इन स्टूडेंट्स को भारत सरकार ने बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। नेशनल मेडिकल कमीशन इस संबंध में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट लाइसेंसिंग एक्ट में बड़ा बदलाव करने जा रही है। ताकि यूक्रेन से लौटे छात्र- छात्राओं की पढ़ाई बाधित ना हो।
नेशनल मेडिकल कमीशन इन्हें भारत में इंटर्नशिप करने की परमिशन दे दी है। NMC ने इस संबंध में 4 मार्च को सर्कुलर जारी किया है। इस परमिशन से उन मेडिकल स्टूडेंट्स की टेंशन दूर होगी, जो युद्ध के चलते 12 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप करने से वंचित हो रहे थे। यह सर्कुलर NMC की वेबसाइट nmc.org.in पर देखा जा सकता है।
सर्कुलर में कहा गया गया कि अगर स्टूडेंट्स फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स यानी FMGE एग्जाम पास कर लेते हैं, तो उन्हें भारत में रहकर अपनी अधूरी रही मेडिकल की पढ़ाई को पूरा करने का मौका मिलेगा। FMGE को Next एग्जाम के रूप में जाना जाता है। यह एक एक्जिट एग्जाम है।
मेडिकल स्टूडेंट्स को पोस्ट ग्रेजुएशन करने में सक्षम होने और भारत में मेडिसिन की प्रैक्टिस करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के योग्य बनने के लिए पास करना जरूरी होता है। आयोग में यह भी कहा गया कि इंटर्नशिप की परमिशन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया गया जाता है। साथ ही FMGE के लिए वजीफ और अन्य सुविधाएं भारतीय चिकित्सा स्नातकों को मिलने वाली राशि के अनुसार होगी।







