शिमला: धर्मशाला विधानसभा परिसर के गेट के बाहर खालिस्तान झंडे मिलने से प्रदेश भर में सनसनी फैल गई है। जिसके चलते डीजीपी संजय कुंडू ने प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश की सभी सीमाओं को सील करने का आदेश दिया गया है। पुलिस सीमा पर कड़ी निगरानी कर रही है। वहीं, होटल, सराय और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।
डीजीपी संजय कुंडू ने प्रदेश में स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट, बम निरोधक दस्ता और क्विक रिएक्शन टीम को भी हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। इस टीम को बस स्टेशनों, टाउन, सरकारी इमारतों और राष्ट्रीय इमारतों की सुरक्षा पुख्ता करने का आदेश दिया गया है।
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक सिख फॉर जस्टिस के मुख्य कर्ताधर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू मुख्य आरोपित बनाया गया है। पन्नू ने 6 जून को हिमाचल में खालिस्तान को लेकर जनमत संग्रह पर वोटिंग करवाने की घोषणा की है।
इसके अलावा बैंक से लेकर तमाम सरकारी और निजी भवनों में तैनात सुरक्षा कर्मियों और चौकीदारों को भी सतर्क रहने के आदेश हैं। साथ ही कुछ भी संदिग्ध गतिविधि होने पर लोकल पुलिस थाने में रिपोर्ट करने को कहा गया है। पुलिस को नाकेबंदी, चेकिंग और नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाने के भी आदेश हैं, इस मामले के आरोपियों के हिमाचल में छिपे होने का अंदेशा है जिसे देखते हुए होटलों और सराय पर भी नजर रखने को कहा गया है।
हिमाचल पुलिस की तरफ से इस अलर्ट के लिए हिमाचल विधानसभा के बाहर खालिस्तान के झंडे मिलने के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी खालिस्तानी तत्वों की गतिविधियों का भी हवाला दिया है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही हरियाणा के करनाल में चार खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा पुलिस के मुताबिक इन्हें पाकिस्तान से ड्रोन की मदद से मिले हथियार और नशे की खेप देशभर में जगह-जगह पहुंचाने के लिए मोबाइल ऐप से ऑर्डर मिलते थे।







