शिमला: हिमाचल धर्मशाला विधानसभा परिसर में खालिस्तानी झंडे और वॉल राइटिंग करने वाले दोनों आरोपी पुलिस गिरफ्त में हैं। दोनों बदमाशों को पुलिस ने पंजाब के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया है। दोनों ही आरोपियों की पृष्टभूमि आपराधिक रही है और दोनों पर पहले ही केस चल रहे हैं। इससे पहले भी दोनों आरोपी अलग-अलग जगहों पर खालिस्तानी झंडे और वॉल राइटिंग कर चुके हैं। अभी दोनों बदमाश धर्मशाला पुलिस की हिरासत में हैं।
8 मई का यह पूरा मामला है, जब दोनों ने रात के अंधेरे में विधानसभा के गेट पर खालिस्तान का झंडा और वॉल राइटिंग की थी। इस मामले में पुलिस ने इस संबंध में 153A, 153B IPC के तहत मामला दर्ज किया है।
होम स्टे में रुके थे आरोपी…
जांच में सामने आया है कि दोनों यहां पर एक होम स्टे में रुके थे और स्कूटी पर सवार हो कर आए थे। दोनों ने घटना की वीडियो भी शूट की है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। 7 मई को दोनों एक होम स्टे में रुके थे। पुलिस ने मोबाइल डंप डाटा और सीसीटीवी की मदद से दोनों की पहचान की है।पुलिस ने मामले में SFJ के प्रमुख गुरवंत सिंह पन्नू को भी नामजद किया है।
पंजाब से पकड़े आरोपी….
पुलिस ने मामले में हरवीर सिंह (37), वार्ड-2 मोरिंडा, रूपनगर पंजाब को गिरफ्तार किया है। आरोपी से स्कूटी, मोबाइल फोन रिकवर किया गया है। पंजाब की सीआईए पुलिस ने भी आरोपी की गिरफ्तारी में मदद की है। दूसरे आरोपी का नाम परमजीत सिंह है और वह रूड़की हीरा, चमकौर साहिब, रूप नगर का रहने वाला है।
कांगड़ा से लिया गया स्प्रै पेंट
कांगड़ा पुलिस ने जांच के दौरान जिस दुकान से स्प्रै पेंट लिया गया था, उसकी भी पहचान की है। साथ ही एक स्प्रै पेंट विधानसभा परिसर के पास झाडियों से भी मिला है। दोनों आरोपियों को 19 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
पहले भी कर चुके हैं ये वारदातें…
दोनों ने सबसे पहले पंजाब के मोहाली के खरड़ में खालिस्तानी झंडे और बैनर लगाए थे। यहां भी इन्होंने स्प्रै पेंट का इस्तेमाल किया था। इसके बाद पंजाब के रोपड़ में 12 अप्रैल 2022 को दोनों ने इसी तरह की घटना को अंजाम दिया। तीसरा मामला हरियाणा का है। यहां पर कुरुक्षेत्र में दोनों ने एक डीएसपी के आवास की दीवार पर झंडे और बैनर लगाए। चौथा मामला धर्मशाला का है। जहां पर धर्मशाला के गेट पर इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया।
एक आरोपी 12वीं , तो दूसरा आठवीं फेल…
पुलिस के अनुसार, हरविर सिंह का जन्म 15 अक्तूबर 1985 को हुआ है। वह बारहवीं पास है। आरोपी ने मोहाली कॉलेज से ग्रेजुएशन के लिए दाखिला लिया था, लेकिन 12वीं की कंपार्टमैंट में पास ना होने की वजह से उसे कॉलेज छोड़ना पड़ा। बाद में उसने ड्राइवर का काम शुरू किया। हरवीर के खिलाफ 2013 में मारपीट का केस दर्ज हुआ था और वह तीन महीने के लिए जेल में बंद रहा था। इसके अलावा, वह लुधियाना में भी मारपीट केस में 20 दिन के लिए जेल जा चुका है। दूसरे आरोपी परमजीत का जन्म सितंबर 1990 में हुआ है। उसने आठवीं में पढ़ाई छोड़ दी थी। परमजीत के खिलाफ चोरी के छह मामले दर्ज हैं। रूपनगर पुलिस थाने में परमजीत के खिलाफ मोबाइल शॉप और ग्रॉसरी की दुकान में चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, बाइक चोरी का मामला भी दर्ज है। वहीं, चंडीगढ़ में आरोपी के खिलाफ दो बाइक चोरी के मामले दर्ज हैं।







