स्पेशल डेस्क: हिमाचल कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू को महिला कार्यकर्ता कि अनदेखी भारी पड़ गई। जिसके चलते सुक्खू को अपने ही विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा, या यूं कहें कि महिला कार्यकर्ता ने सुक्खू को कार्यकर्ता की ताकत दिखा दी। क्योंकि कद्दावर नेता को भरे मंच पर लताड़ लगाना कोई खाला जी का बाड़ा नहीं।
जनसभा को संबोधित करने गलोड़ पहुंचे थे सुक्खू
दरसल,हुआ यूं कि सुखविंदर सिंह सुक्खू रविवार को अपने विधानसभा के गलोड़ कस्बे में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। यहां पर एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेत्री से अनदेखी बर्दाश्त नहीं हुई। फ़िर क्या था,आहत होकर महिला ने विधायक साहब को मंच पर ही खरी-खोटी सुना दी।
सुखविंदर सिंह के पास बड़ी जिम्मेदारी
बता दें कि कांग्रेस हाईकमान ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में बड़ा बदलाव किया है। इसमें नादौन विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। जिसके चलते सुक्खू प्रदेश भर का दौरा कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच रविवार को अपने ही विधानसभा क्षेत्र में वह घिरते हुए नजर आए। शायद बड़ी जिम्मेदारी के आगे उन्हें कार्यकर्ता छोटे नजर आने लगे हैं।
आखिर क्या था मामला….
अब यहां ये बताना भी जरूरी है कि प्रचार समिति की कमान संभालने के बाद अपने ही निर्वाचन क्षेत्र के गलोड़ कस्बे में आखिर ऐसा क्या हुआ कि सुक्खू को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। तो बता दें,कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक समारोह में पंहुचे सुक्खू को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के निजी सचिव रहे ओंकार सिंह ठाकुर की पत्नी सुमन ने मंच पर पहुंचकर सरेआम लताड़ लगा दी।कारण था कि साहब ने महिला की अनदेखी कर डाली, संबोधन में महिला का नाम नहीं लिया गया।
कौन है महिला….
अब सवाल यह भी है कि मंच से संबोधन में नाम ना लेना कौन सी बड़ी बात है? तो यहां ये भी बता दें कि सुमन महिला कांग्रेस में अहम पद रह चुकी हैं।जिसके चलते जनसभा के दौरान संबोधन में महिला का नाम ना लेने से महिला ने सुकू पर अनदेखी के आरोप जड़े। इस पूरे वाक्य का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
क्या आप हमें नहीं जानते?
महिला सुमन ठाकुर ने नाराजगी जाहिर करते हुए दिग्गज कांग्रेसी नेता और स्थानीय विधायक सुक्खू को खरी खोटी सुनाई और कहा की “क्या आप हमे नहीं जानते… कि हम भी कांग्रेस से जुड़े हुये हैं।” उन्होंने यहां तक आरोप जड़ा कि वीरभद्र सिंह का समर्थक होने की वजह से सुक्खू ने अपने संबोधन में उनका नाम तक नहीं लिया। उन्हें सुक्खू दरकिनार करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे कतई सहन नहीं किया जायेगा।
जाहिर है कि मामला बढ़ता देख वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव किया और मामले को शांत करवाया। लेकिन इस मामले ने एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिये हैं, कि चुनावों की शुरुआत से पहले ही कांग्रेसी खेमा गुटबाजी में बंटा हुआ नजर आ रहा है। ऐसे में आगामी समय में कांग्रेस की दिशा और दशा क्या होगी यह देखने वाली बात होगी।







