शिमला: हिमाचल पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले को लेकर डीजीपी संजय कुंडू, डीआईजी मधुसूदन शर्मा ने अपनी टीम के साथ मिलकर शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई के बारे में बताया। साथ मीडिया के सवालों का भी जवाब दिया।
अब तक कुल 171 दोषी गिरफ्तार
डीआईजी मधुसूदन शर्मा ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि अब तक इस मामले में 171 दोषियों को गिरफ्तार किया गया है। 47 लोग अभी भी पुलिस हिरासत में हैं। इस मामले में पुलिस एक हफ्ते में चार्जशीट दाखिल कर सकती है। मामले में पुलिस ने अभी तक 46 एजेंट, 116 अभ्यार्थी और 9 अभिभावक गिरफ्तार किए हैं।
12 राज्यों तक फैला गिरोह
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया गया कि पुलिस हिरासत में लिए गए पेपर लीक में एजेंट दिल्ली, बिहार, राजस्थान, यूपी व उतराखंड सहित 12 राज्यों के गिरोह के लोग शामिल हैं। हिमाचल के किन्नौर, लाहौल स्पिति और शिमला को छोड़कर सभी जिला के अभ्यार्थियों को पेपर बेचे गए। सबसे ज्यादा कांगडा जिले के 91 अभ्यार्थी गिरफ्तार हुए हैं।
प्रिंटिंग प्रेस से ही लीक हुआ पेपर
हिमाचल पुलिस प्रमुख संजय कुंडू ने बताया की अभी जांच जारी है। पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर प्रिंटिग प्रेस से लीक हुआ। पेपर लीक करने वाला बिहार का सुधीर यादव है, जो प्रिटिंग प्रेस में काम करता था।
फिलहाल किसी पुलिस कर्मी की संलिप्तता नहीं
प्रेस कॉन्फेंस के दौरान जब डीजीपी संजय कुंडू से पेपर लीक मामले में पुलिस अधिकारियों के शामिल होने के बारे में पुछा गया तो उन्होंने इस बात इंकार नहीं किया। डीजीपी ने कहा कि अभी तक जांच में कोई पुलिस अधिकारी व कर्मचारी दोषी नहीं पाया गया है। अभी जांच जारी है।
10 लाख कैश, 185 फोन बरामद
वहीं, इस मामले में राजस्थान से एक अभियुक्त संदीप टेलर को गिरफ्तार किया गया है। जिसने अपनी पत्नी के खाते में पैसे डाले थे, पत्नी को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है, क्योंकि वह गर्भवती है। पुलिस प्रमुख ने बताया की गिरोह से अभी तक 10 लाख से ज्यादा की नकदी, 6 कार, 185 मोबाइल फोन, 5 लापटॉप, चेकबूक व अन्य सामान बरामद किया गया है।
कई पेपर खरीदने पर भी नहीं हुए पास
हिमाचल पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक दिलचस्प बात भी सामने आई कि कई अभ्यार्थीयों ऐसे भी थे, जिन्होंने पेपर खरीदा था, लेकिन फिर भी पह पास नहीं हो सके। जिन्होंने पेपर तो खरीदा लेकिन पास नही हुए.
सरकार को सख्त कानून का सुझाव
डीजीपी संजय कुंडू ने बताया की देश भर में पेपर लीक होते हैं, लेकिन उतर भारत में सबसे ज्यादा होते हैं। जिसको लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है। पेपर छापने वाली प्रिंटिग प्रेस को अलग से बनाने सहित कई सुझाव दिए गए हैं। साथ ही राज्य सरकार से सिफारिश की जाएगी कि वह धारा 420 में संशोधन करें और राजस्थान की तर्ज पर सख्त कानून बनाएं। राजस्थान ने इसे गैर जमानती अपराध बनाया है, जबकि हिमाचल समेत देश के अन्य राज्यों ने अभी गैर जमानती नहीं किया है। इसमें अभी तीन साल तक की ही सजा होने का प्रावधान है।

