शुक्रवार को शिमला जिला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके स्वर्गीय राकेश वर्मा की धर्मपत्नी इंदु वर्मा ने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है। इतिहास में पहली बार राकेश वर्मा ने भारतीय जनता पार्टी की ओर से थ्योग में जीत दर्ज की। जिसके बाद 1998 में फिर से विद्या स्टोक्स विधायक बनी और फिर 2003 और 2007 में दोनों बार राकेश वर्मा आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीते। इसके बाद 2012 में एक बार फिर से विद्या स्टोक्स विधायक बनी और 2017 में अब यहां पर राकेश सिंघा विधायक की भूमिका निभा रहे हैं।
कुल मिलाकर इतिहास में सिर्फ एक बार यहां पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की है और वह भी 1993 में राकेश वर्मा ने ही जीत दर्ज की थी। स्वर्गीय राकेश वर्मा ठियोग में भारतीय जनता पार्टी के काफी वरिष्ठ नेता थे और 2020 में उनकी मृत्यु हो गई। जिसके बाद उनकी धर्मपत्नी इंदु वर्मा वहां पर भारतीय जनता पार्टी में एक बड़े नेता की भूमिका में थी।
इसके बाद आज शिमला में इंदु वर्मा ने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है।
राजीव शुक्ला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगातार भाजपा से भगदड़ मची हुई है, क्योंकि वहाँ के जो हालात हैं, वहाँ निश्चित रुप से कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है और भाजपा वहाँ से बुरी तरह से पराजित होने जा रही है। उपचुनाव के नतीजे आपने देखे थे और उसके बाद लगातार माहौल भाजपा के विरुद्ध बनता चला जा रहा है। चाहे महंगाई का मसला हो, चाहे बेरोजगारी का मसला हो, चाहे बागबानों का मसला हो, चाहे किसानों का मसला हो, चाहे महिलाओं का हो, चाहे युवाओं का हो।
तो आज हमें बड़ी खुशी है कि हमारे साथ यहाँ पर इंदू वर्मा हैं।







