हिमाचल प्रदेश में वर्तमान मानसून में प्रदेश में भारी वर्षा भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं घटित हुई है
जिसमें 258 लोगों की जान गई व 10 लोग अभी भी लापता है इस आपदा से 270 पशु मारे गए तथा 1658 रिहायशी मकान दुकान गौशाला 18 इत्यादि क्षतिग्रस्त हुए हैं इस दौरान प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों ग्रामीण सड़कों पर जल योजनाओं व विद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान हुआ है अब तक प्रदेश को इस मानसून के दौरान लगभग 1367. 33 करोड रुपए के नुकसान का आकलन किया जा चुका है जिसका आंकलन निरंतर जारी है
इस संबंध में प्रदेश सरकार की तरफ से मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश द्वारा दिनांक 23 8 2022 को केंद्र सरकार से प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए अंतरमंत्रालय क्षेत्रीय दल भेजने के लिए आग्रह किया गया था तथा केंद्र सरकार द्वारा कार्यवाही करते हुए श्री सुनील कुमार बर्नवाल संयुक्त सचिव गृह मंत्रालय भारत सरकार की अध्यक्षता में केंद्रीय दल का गठन किया गया है केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए सितंबर माह में प्रथम सप्ताह में मानसून के दौरान ही केंद्रीय दल के भेजने के बारे में निर्णय लिया गया है जबकि पूर्व में मानसून खत्म होने के बाद केंद्रीय दल भेजा जाता है इससे प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का आंकलन समय पर भेजने के साथ ही प्रदेश को केंद्रीय आपदा मोचन निधि एनडीआरएफ की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता प्राप्त होगी जिससे मानसून से प्रदेश में प्रभावित लोगों को समुचित राहत सहायता राशि उपलब्ध हवाई जा सके।







