शिमला: हिमाचल की राजधानी शिमला में आशा वर्करों ने टीबी मुक्त अभियान कि शुरूआत की है. आशा वर्करों और स्वास्थय कार्यकर्ताओं ने अभियान के तहत घर-घर जाकर लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक कर रहे है. यह अभियान 2 अक्टूबर तक चलेगा है.
आशा वर्कर यूनियन की प्रधान अनीता शर्मा का कहना है कि वे जिला शिमला में टीबी मुक्त अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए आज से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. और इसके ही स्वास्थ्य कर्मी लोगों को टीबी के लक्षणों के बारे में बताएंगे.
उनका कहना है कि ट्यूबरक्लोसिस (TB) रोगी की पहचान कैसे होती है इसकी जानकारी हम लोगों को देगें ताकि जल्द ही वे TB के लक्षणों को पहचान कर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जा सकें. ऐसा करके TB के रोगी का जल्द से जल्द उपचार शुरू किया जा सकेगा.
इस दौरान लोगों को TB के लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है. जिसमें लगातार 3 हफ्तों तक खांसी आती है और आगे भी जारी है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है. खांसी के साथ खून आना, छाती में दर्द और सांस फूलना, वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना. शाम को बुखार आना और ठंड लगना और रात के समय पसीना आना यह सब लक्षण TB के हो सकते हैं.







