
ब्यूरो- हिमाचल प्रदेश में आज हुई कैबिनेट बैठक में कई बढ़े फैसले लिए गए। बैठक में रिफाइंड और सरसों के तेल पर प्राप्त होने वाले उपदान को 7 महीने तक बढ़ा दिया है।सबसे अहम फैसला हिमाचल प्रदेश में नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (NTT) भर्ती को लेकर है किया गया है, जिसकी प्रक्रिया को अक्तूबर में शुरू कि जाऐंगी। साथ ही प्रतयेक शिक्षक को मासिक 9000 का मानदेय भी तय किया गया है। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों 4700 से ज्यादा नर्सरी ट्रेंड टीचर की भर्ती होनी है।प्रदेश सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि निजी स्कूलों की ओर बढ़ रहा अभिभावकों का रुझान कम किया जा सके।
दो साल बाद मिली मंजूरी
नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (NTT) की भर्ती दो सालों से लटकी हुई थी। प्रदेश सरकार ने स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू की हैं। अभी जेबीटी शिक्षक ही नर्सरी के बच्चों को भी पढ़ा रहे थे। जेबीटी शिक्षक सरकार से कई बार इस मामले को उठा चुके थे कि उन पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है व पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने एनटीटी नीति को स्वीकृति प्रदान की गई है।
सरसों के तेल पर सब्सिडी
इसके अलावा प्रदेश मंत्रिमंडल ने रिफाइंड और सरसों के तेल पर प्राप्त होने वाले उपदान को 7 महीने तक बढ़ा दिया है। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले उपभोक्ताओं को रिफाइंड व सरसों के तेल पर प्रति पैकेट 10 से 20 रुपये उपदान दिया जाएगा। गरीबी रेखा से ऊपर के उपभोक्ताओं को पांच से 10 रुपये उपदान प्रदान प्रदान किया जाएगा। मंत्रिमंडल की बैठक में सात महीने के लिए यह व्यवस्था की है, जो कि अगले वर्ष मार्च तक रहेगी।







